बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी(Bihar CM Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में बुधवार (19 अगस्त, 2026) को कैबिनेट (Cabinet Meeting) की बैठक हुई. इसमें कई एजेंडों पर मुहर लगी. बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया. 

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बक्सर-भागलपुर 6-लेन वाया- अरवल, नालंदा, जमुई, जहानाबाद एवं अन्य जिलों Fully Access Controlled Greenfield Expressway (कुल लंबाई 336 किमी) को PPP (DBFOT Toll) मॉडल पर BSRDCL के माध्यम से विकसित करने के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

वहीं किसानों को भी तोहफा मिला है. बिहार में हर खेत तक जल की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. "मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना" के तहत वर्ष 2026-27 में 11,000 निजी नलकूपों के अधिष्ठापन के लिए 305.60 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है.

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एआई के क्षेत्र में भी बड़ा कदम

बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं. राज्य में AI पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार, पटना के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर की स्वीकृति प्रदान की गई. तकनीक, नवाचार और AI के माध्यम से बिहार को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल. 

बिहार में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. सिंचाई प्रमंडल, कटिहार के अंतर्गत कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर एवं सेमापुर उप-वितरणियों तथा संबंधित नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन कार्य के लिए 35.82 करोड़ की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृत की गई. बेहतर सिंचाई व्यवस्था से किसानों को मिलेगा लाभ और कृषि को मिलेगी नई मजबूती.

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बिहार में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता सृजित करने के लिए 200, 500 एवं 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण के लिए योजना को मंजूरी. 52 चयनित समितियों को 50% अनुदान और 50% चक्रीय पूंजी के रूप में कुल 34.95 करोड़ की स्वीकृति.

नस्ल सुधार योजना की भी स्वीकृति

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 63.92 करोड़ की अनुमानित लागत पर COMFED, पटना के माध्यम से राज्य में दूध उत्पादन एवं पशु उत्पादकता बढ़ाने के लिए "नस्ल सुधार योजना" की स्वीकृति प्रदान की गई.

कैबिनेट की बैठक में सिंचाई प्रमंडल, नरपतगंज अंतर्गत जानकीनगर शाखा नहर एवं उससे जुड़ी नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन कार्य के लिए 30.35 करोड़ की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है. 

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