सम्राट कैबिनेट की बड़ी खबर, काशी विश्वनाथ जैसा विष्णुपद कॉरिडोर, और क्या?
विष्णुपद कॉरिडोर के समग्र विकास के लिए 2,520 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है. वहीं सोन से फल्गु नदी को जोड़ने की योजना को लेकर 996.05 करोड़ की स्वीकृति दी गई है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार (15 सितंबर, 2026) को कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बाढ़ और सिंचाई कार्यों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 1,000 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत करने के साथ कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, विमानन, खनन, जल संसाधन और कारा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
पर्यटन विभाग के प्रस्ताव के तहत गया जिले में स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, वाराणसी की तर्ज पर समग्र विकास करने के लिए 2,520 करोड़ रुपये तथा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण के लिए 996.05 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.
दोनों योजनाओं की कुल अनुमानित राशि 3,516.05 करोड़ रुपये है. सामान्य प्रशासन विभाग के तहत बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों के अगले आदेश तक सृजन को मंजूरी मिली.
बाढ़ एवं सिंचाई के लिए 1,000 करोड़ की स्वीकृति
जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य योजना मद में बाढ़ एवं सिंचाई प्रक्षेत्र के लिए विभिन्न विपत्र कोड के अंतर्गत बिहार आकस्मिकता निधि से कुल 1,000 करोड़ की अग्रिम राशि की स्वीकृति दी गई. इससे बाढ़ और सिंचाई से जुड़े जरूरी कार्यों में तेजी लाने का रास्ता साफ होगा.
कृषि विभाग की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए कुल 8979.684 लाख रुपये की लागत पर कार्यान्वयन, राशि निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई.
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वहीं, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 210 लाख रुपये की राशि की निकासी एवं व्यय को मंजूरी मिली. केंद्र प्रायोजित 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2027-28 तक दो वर्षों में कुल 7,834.22040 लाख रुपये की लागत की योजना को स्वीकृति दी गई. इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,866.22040 लाख रुपये की राशि शामिल है.
खान एवं भूतत्व विभाग के दो प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली. इनमें बिहार राज्य में ईंट सत्र 2024-25 तक ईंट-भट्ठों के बकाया राशि की वन टाइम सेटलमेंट योजना और बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 की स्वीकृति शामिल है.
ग्रामीण विकास विभाग के तहत 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत-जी राम जी)' शिकायत निवारण नियमावली, बिहार, 2026 को स्वीकृति दी गई. जल संसाधन विभाग के एक अन्य प्रस्ताव में बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी गई.
कई विभागों में पदों का भी सृजन
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए चार अनुदेशक और दो निम्नवर्गीय लिपिक सहित कुल छह पदों के सृजन को मंजूरी दी गई. इन पदों के सृजन से वार्षिक व्यय भार 45,98,832 रुपये होगा.
स्वास्थ्य विभाग के तहत राज्य के राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, रीडर, व्याख्याता और सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति/प्रोन्नति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन को स्वीकृति दी गई. इसके अलावा पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के कुल 366 रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन को भी मंजूरी मिली.
हवाई संपर्क की दिशा में भी बड़ा कदम
सिविल विमानन विभाग के तहत भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना 'मॉडिफाइड उड़ान स्कीम' के अंतर्गत राज्य में हवाई संपर्क के विस्तार के लिए नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी गई. साथ ही बिहार राज्य विमानन संवर्ग में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती एवं प्रोन्नति को विनियमित करने के लिए 'बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली, 2026' के गठन को भी स्वीकृति दी गई.
गृह विभाग के कारा प्रक्षेत्र के प्रस्ताव में राज्य की जेलों में खाली पड़ी भूमि पर पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट संचालित करने के लिए संबंधित नियमावली के गठन और पेट्रोलियम कंपनियों के चयन को मंजूरी दी गई. इसके तहत केंद्रीय कारा, पूर्णिया और शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर की भूमि पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन तथा केंद्रीय कारा, बक्सर और शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर की भूमि पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के माध्यम से पेट्रोल पंप संचालित किए जाने का प्रस्ताव है.
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