बिहार में रोहतास के डेहरी नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ईओ) विमल कुमार की हत्या के बाद सियासत तेज हो गई है. विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दीघा श्मशान घाट पहुंचे, जहां उन्होंने शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात की. उन्होंने दिवंगत ईओ की पत्नी से फोन पर भी बात की और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
इस दौरान तेजस्वी यादव ने हत्या का आरोप एनडीए के विधायक पर लगाया है. तेजस्वी यादव ने लिखा, "बिहार में एनडीए के एक विधायक ने डेहरी-डालमिया नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से 50 लाख रुपये की मांग की. मांग पूरी नहीं होने पर अधिकारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई. यह बिहार की ध्वस्त विधि व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है.
नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा, "आपके ट्रबल इंजन सरकार में आपके MLA ने एक ईमानदार अधिकारी की बलि ली है. क्या ये कथित जंगलराज से अच्छा काम हुआ है? इस राज का कोई तो नामकरण कीजिए." तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाकर मामले को तेज कर दिया है.
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तेजस्वी यादव ने लगाए आरोप
तेजस्वी यादव ने पोस्ट में लिखा, "चंद दिनों में ही बिहार में दूसरे अधिकारी की हत्या हुई है. परिजनों ने एनडीए के विधायक पर आरोप लगाया है कि विधायक कार्यपालक पदाधिकारी से 50 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, नहीं देने पर हत्या करा दी गई.
उन्होंने आगे लिखा, "बिहार में NDA सरकार में दशकों बाद किसी पुलिस महानिरीक्षक ने आनन-फानन में घटना स्थल का दौरा कर तत्काल बिना अनुसंधान के जांच की सुई मृतक के ड्राइवर की तरफ मोड़ दी है ताकि विधायक अन्वेषण के दायरे से ही बाहर हो जाए.
सम्राट चौधरी पर तेजस्वी यादव ने साधा निशाना
सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "अपराधियों को पाताल से खोजने के बड़बोले बयान देने वाले मुख्यमंत्री जी ख़ुद ही गायब है. मुख्यमंत्री सत्ता संरक्षित अपराधी व माफिया विधायक बिहार के ओर कितने अधिकारियों की बलि लेंगे? एनकाउंटर तो छोड़िए, हिम्मत है तो आरोपी विधायक पर नामजद FIR कर न्यायिक जांच का आदेश दीजिए."
तेजस्वी यादव ने अधिकारी को दी श्रद्धांजलि
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की. पटना के दीघा घाट पर तेजस्वी यादव ने EO विमल कुमार को अंतिम विदाई भी दी. दीघा श्मशान घाट पर परिवार से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, "यह सही नहीं है. वे आपकी सरकार के अधिकारी थे और उनकी मौत के बाद आप उनके परिवार से मिल भी नहीं रहे हैं. इसके बजाय, आप पूरे परिवार को सड़क पर खड़ा कर रहे हैं. अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो कल सरकार के साथ कौन खड़ा होगा?"
आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता ने मामले पर क्या कहा?
आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मामले पर कहा, "सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने पर बिहार की चरमराती कानून-व्यवस्था ने सुशासन के गाल पर करारा तमाचा जड़ा है. इस राज्य में आम जनता तो पहले से ही पिस रही थी, लेकिन अब दिनदहाड़े कार्यपालक अधिकारियों की भी बलि ली जा रही है."
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की निर्मम हत्या सिर्फ इसलिए करवा दी गई क्योंकि उन्होंने सत्ता संरक्षित एनडीए (लोजपा-R) विधायक को 50 लाख रुपये की रंगदारी देने से मना कर दिया था. मृतक की पत्नी चीख-चीख कर विधायक का नाम ले रही हैं, लेकिन अपने माफिया विधायक को बचाने के लिए पूरी की पूरी सरकार और पुलिस महकमा बेशर्मी पर उतर आया है.
प्रवक्ता ने आगे लिखा, "आनन-फानन में बिना किसी गंभीर अनुसंधान के हत्या का सारा ठीकरा ड्राइवर के सिर फोड़ दिया गया. पाताल से अपराधियों को खोजने का बड़बोला बयान देने वाले मुख्यमंत्री जी आज खुद कहां गायब हैं? अगर सरकार में थोड़ी भी नैतिकता और हिम्मत बची है, तो आरोपी विधायक पर नामजद FIR दर्ज कर अविलंब न्यायिक जांच का आदेश दे, वरना बिहार की जनता आपके इस सत्ता-संरक्षित माफिया राज का माकूल जवाब देगी.
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