'सुन लो जयचंदों, अगर मेरे पिताजी एक इशारा कर दें तो...', रोहिणी आचार्य विवाद पर भड़के तेज प्रताप
Rohini Acharya News: तेज प्रताप यादव ने कहा कि जबसे मेरी रोहिणी बहन के चप्पल उठाने की खबर सुनी, दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है. जब जनमानस की भावनाएं आहत होती हैं, तो बुद्धि पर पड़ी धूल उड़ जाती है.

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के एक दिन बाद लालू यादव के परिवार में फूट खुलकर सामने आ गई. उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने न सिर्फ राजनीति छोड़ने का ऐलान किया बल्कि अपने परिवार से भी नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया. अब उनके भाई तेज प्रताप यादव उनके समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने रोहिणी आचार्य के कथित विरोधियों को चेतावनी दे डाली है.
तेज प्रताप यादव ने लिखा, "कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है.मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया… लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है. सुन लो जयचंदो— परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी."
जबसे मेरी रोहिणी बहन के चप्पल उठाने की खबर सुनी, दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है. जब जनमानस की भावनाएँ आहत होती हैं, तो बुद्धि पर पड़ी धूल उड़ जाती है. इन चंद चेहरों ने तेजस्वी की भी बुद्धि पर परदा डाल दिया है. इस अन्याय का परिणाम बेहद भयावह होगा. समय का लेखा-जोखा बड़ा कठोर है.
तेज प्रताप यादव ने ये भी कहा, "मैं आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे पिता, मेरे राजनीतिक गुरु लालू प्रसाद यादव जी से आग्रह करता हूं पिता जी, एक संकेत दीजिए, आपका केवल एक इशारा, और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ देने का काम खुद कर देगी. यह लड़ाई किसी दल की नहीं परिवार के सम्मान, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है."
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