बिहार में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद कई नए चेहरों को मौका मिला है. नीतीश कुमार(Nitish Kumar) के बेटे निशांत भी स्वास्थ्य मंत्री बने हैं. कैबिनेट के विस्तार के बाद सियासत भी तेज है. आरजेडी प्रमुख लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) भी लगातार प्रतिक्रिया दे रही हैं. शुक्रवार (08 मई, 2026) को उन्होंने बीजेपी और जेडीयू पर निशाना साधा. दोनों पार्टियों को लेकर कहा कि ये थेथरलॉजी में माहिर हैं.
अपने एक्स पोस्ट में रोहिणी आचार्य लिखती हैं, "जेडीयू और बीजेपी वालों की एक बहुत बड़ी विशेषता है, सब के सब थेथरलॉजी में माहिर हैं. अपने ही कहे से अपनी सहूलियत के हिसाब से पल-पल पलटते हैं, हमारे बिहार के मिथिला के इलाके में एक कहावत, "बाजते छी त हारली केना (जब बोल ही रहे हैं, तो हारे कैसे)" प्रचलित है और ये कहावत इन लोगों पर सटीक बैठती है."
'ये लोग अपनी जमात के परिवारवाद को भूल जाते हैं'
रोहिणी आचार्य ने कहा कि परिवारवाद के मुद्दे पर लगातार बोलने वाले ये लोग अपनी जमात के परिवारवाद को बिल्कुल ही भूल जाते हैं. सिर्फ विपक्ष को परिवारद पर बढ़ावा देने का झूठा उलाहना देते हैं.
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आगे तंज कसते हुए कहा, "हंसी आती है, इन लोगों की थेथरई पर... 'जमाई आयोग' बनाते हैं ये लोग, 'पापा के लाडले' थोक के भाव में मंत्री बनाए जाते हैं, इनकी सरकारों में, मगर कुतर्क ये कि परिवारवाद को बढ़ावा विपक्ष देता है!!"
एक्स पोस्ट में रोहिणी आचार्य लिखती हैं, "जेडीयू वाले अपनी थोंथी एवं बचकानी दलीलों के साथ विपक्ष के बारे में भ्रष्टाचार की, मुकदमों की बात तो करते हैं मगर अपने शासनकाल के अंतहीन भ्रष्टाचार एवं सैंकड़ों घोटालों को सिरे से भूल जाते हैं. ये भी भूल जाते हैं कि जब ये लोग आज के विपक्ष के साथ सत्ता में होते थे तो इनकी ही जमात के बड़े चेहरे सार्वजनिक मंच से विपक्षी दल के बड़े नेताओं, उनके परिवार वालों पर थोपे गए मुकदमों को बदले की भावना से थोपे गए झूठे मुकदमे बताते थे."
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