बिहार के पूर्व डीजीपी आलोक राज ने 'बिहार कर्मचारी चयन आयोग' के अध्यक्ष पद से 6 जनवरी को इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताया था, लेकिन अब इस पर सियासत तेज हो गई है. लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने सवाल उठाया है. 

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आरजेडी के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने गुरुवार (08 जनवरी, 2026) को कहा कि आलोक राज को 31 दिसंबर को कर्मचारी चयन आयोग की जिम्मेदारी दी गई. एक तारीख (01 जनवरी, 2026) को ज्वाइनिंग थी. ज्वाइनिंग के बाद ऐसी क्या बात हो गई कि पांच दिन बाद (06 जनवरी को) उन्होंने इस्तीफा दे दिया? भले वह अपना निजी कारण बता रहे हों, लेकिन हम इसे हल्के में नहीं ले सकते हैं.

'बिहार सरकार स्पष्ट करे स्थिति'

आरजेडी नेता ने कहा कि अभी कई विभागों में बहाली की प्रक्रिया चल रही है ऐसे में आलोक राज का इस्तीफा बहुत बड़ा सवाल है. अगर निजी कारण से इस्तीफा दिया है तो वह ज्वाइन ही नहीं करते. प्रश्नपत्र लीक का मामला हो, सेंटर मैनेज करने का मामला हो, यह एनडीए के शासनकाल में हुआ. उन्होंने कहा कि परीक्षा लेने वाली एजेंसियों के पास कई तरह के संसाधन नहीं हैं, इसलिए बिहार सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि आखिर आलोक राज ने क्यों इस्तीफा दिया है.

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बता दें कि आलोक राज बिहार के डीजीपी रह चुके हैं. उन्हें बीते 31 दिसंबर (2025) को नीतीश सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था. सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, आलोक राज अगले पांच वर्षों तक यानी 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष के पद पर बने रहना था. एक जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से आयोग के चेयरमैन के तौर पर कार्यभार संभालना था. हालांकि 4 जनवरी को उन्होंने कार्यभार संभाला. अब इस्तीफे के बाद सियासत शुरू हो गई है.

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