संसद में गुरुवार (16 अप्रैल) से विशेष सत्र शुरू हो चुका है. महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक सदन पेश कर दिया गया है. सरकार ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर तीन दिवसीय संसद का विशेष सत्र बुलाया है. 

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इसको लेकर अब बहस तेज हो गई है. विपक्षी दलों की ओर से महिला आरक्षण के साथ परिसीमन बिल लाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि पहले इस बिल को लागू होना था, लेकिन बिना लागू किए सरकार इसमें संशोधन लेकर आ गई.

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मीसा भारती ने कहा कि इसमें परिसीमन की बात कही जा रही है. साथ ही इसमें और भी बहुत कुछ है. इसको लेकर विपक्ष के सभी दलों के नेताओं की बैठक हुई है. जिसमें सभी ने अपनी राय रखी है कि सरकार इस तरह का कोई संशोधन करती है तो हम उसका विरोध करेंगे. 

महिला आरक्षण का कभी विरोध नहीं किया- मीसा भारती

मीसा भारती ने महिला आरक्षण पर बोलते हुए कहा कि हमने कभी भी इसका विरोध नहीं किया. इसमें हमने कहा कि एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए भी सीटें आरक्षित करें.  वहीं सरकार का कहना है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर नहीं किया और नई जनगणना के आधार पर किया तो 2029 में लागू नहीं हो पाएगा. 

इस पर मीसा भारती ने कहा कि जब बिल आया था. तब उसमें कहा गया था कि वह जातिगत जनगणना कराने के बाद उसके आधार पर परिसीमन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारा विरोध इसी पर है.

क्या है महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य?

इस बिल उद्देश्य लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत भागीदारी देना है. इस आरक्षण के लागू होने के बाद महिलाएं मजबूती से चुनाव लड़ पाएंगी और देश की राजनीति में प्रतिनिधित्व करेंगी.

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