स्वतंत्र भारद्वाज के दावों पर RJD का बड़ा बयान, 'जिस शख्स ने…'
स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो सामने आने के बाद आरजेडी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. मनोज झा का कहना है कि राहुल गांधी के संज्ञान लेने से पहले इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई होनी चाहिए थी.

कुछ दिनों पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आंदोलन किया था. उस दौरान हुई मारपीट को लेकर अब स्वतंत्र भारद्वाज नाम के युवक ने ऐसा बयान दिया है कि सियासी हड़कंप मच गया है. उसने एक पॉडकास्ट में चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को अपना भाई बता दिया. उसने यहां तक कहा कि निशु आजाद के पिता संजय कुमार की उसने जंतर-मतर पर पिटाई की, उन्हें टांके लगे लेकिन, पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया. इस पर विवाद शुरू हो गया है. आरजेडी की ओर से रिएक्शन आया है.
शुक्रवार (04 सितंबर, 2026) को आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने सीजेपी की कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हुए हमले पर कहा, "जिस शख्स ने खुद से इस बात को कबूल किया है, उसकी वीडियो भी मैंने देखी... एक व्यक्ति खुलेआम कह रहा है कि वो कितना रसूख़दार है, फलाना व्यक्ति उसके भैया हैं, जिसमें उसने किसी को नहीं बख्शा है..."
मनोज झा ने आगे कहा, "...ऊपर से लेकर मध्यम स्तर तक सभी लोग इसमें शामिल हैं तो फिर इसमें कहने को कुछ नहीं बचता है. इसमें राहुल गांधी के संज्ञान लेने से पूर्व, स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई होनी चाहिए थी."
#WATCH | दिल्ली | राजद नेता मनोज कुमार झा ने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हुए हमले पर कहा, "जिस शख्स ने खुद से इस बात को कबूल किया है, उसकी वीडियो भी मैंने देखी... एक व्यक्ति खुलेआम कह रहा है कि वो कितना रसूख़दार है, फलाना… pic.twitter.com/dCf7EhqaSq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2026
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स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करने की मांग
बता दें कि स्वंतत्र भारद्वाज की ओर से किए गए दावों के बाद अब उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है. शुक्रवार को सीजेपी के नेता दिल्ली के संसद मार्ग थाना पहुंचे. सौरव दास, आशुतोष रांका, चंद्रशेखर आजाद और निशु ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी के साथ बैठक की. थाने के बाहर सीजेपी के कार्यकर्ता जुट गए. सीजेपी के एक कार्यकर्ता ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि अपराधी खुलेआम कबूल कर रहा है. पुलिस उसपर कार्रवाई करे. उसे गिरफ्तार किया जाए.
मामले ने तूल पकड़ा तो उधर स्वतंत्र भारद्वाज ने शुक्रवार को सफाई दी कि उसने अपनी जान बचाने के लिए आत्मरक्षा में कदम उठाया था. उसकी हत्या हो सकती थी. 10-15 लोगों ने उसे घेर लिया था.
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