एक बात तो साफ हो गई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत जल्द सीएम की कुर्सी से हटने वाले हैं. हाल ही में उन्होंने एमएलसी पद से इस्तीफा दिया है. अब वे राज्यसभा के सदस्य के तौर पर आगे शपथ लेंगे. इस बीच एक से एक बयान सामने आ रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने दबाव की राजनीति की है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी इसको लेकर बयान दे चुके हैं. अब आरेजडी सांसद अभय कुशवाहा ने बीजेपी के प्लान को डिकोड किया है.
मंगलवार (31 मार्च, 2026) को न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अभय कुशवाहा ने कहा, "मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं और मैंने बिहार की राजनीति को बहुत नजदीक से देखा है… भारतीय जनता पार्टी का प्लान 2020 से ही था कि नीतीश कुमार को साइड किया जाए. हालांकि 2020 में उनकी (जेडीयू) सीट कम आई थी, लेकिन कम क्यों आई?"
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'इनकी प्लानिंग तो पहले से चल रही थी'
आरजेडी सांसद ने कहा, "बीजेपी ने बी टीम खड़ा कर किस तरह से जेडीयू को हराने का काम किया था... इनकी प्लानिंग तो पहले से चल रही थी. अब 2025 में इसको पूरा कर लिया. नीतीश कुमार को साइडलाइन कर दिया. इनके नाम पर लोगों ने वोट दिया. 2025 से 30 फिर से नीतीश और अब 2025 से 30 नीतीश गायब..."
बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी भी कई सीटों पर लड़ी थी. सीधे तौर पर इससे नीतीश कुमार को नुकसान हुआ था. आरजेडी सांसद ने खुलकर चिराग का नाम नहीं लिया लेकिन बी टीम कहने का मतलब उनका इशारा उन्हीं पर था.
आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने भले दावा किया है कि बीजेपी 2020 से नीतीश कुमार को साइड करने का प्लान बना रही थी, लेकिन सीएम ने खुद कहा है कि यह उनका अपना निर्णय है. पार्टी (जेडीयू) से जुड़े नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है कि नीतीश कुमार पर कोई दबाव नहीं बना सकता है. फिलहाल नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार से सीएम की कुर्सी छोड़ने को लेकर सियासी गलियारे में जमकर बयानबाजी हो रही है.
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