ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद (Raushan Anand) सोमवार (15 जून, 2026) को जेल से बाहर आने के बाद सहरसा स्थित अपने गांव पहुंचे. बीते सोमवर (15 जून, 2026) की देर रात उनके भाई प्रिंस यादव (Prince Yadav) का अंतिम संस्कार हुआ जिसमें रौशन आनंद शामिल हुए. 

Continues below advertisement

घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर ही अंतिम संस्कार हुआ जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए. इस मौके पर पूरा गांव गमगीन हो उठा. सबकी आंखें नम थीं. प्रिंस को उनके पिता ने मुखाग्नि दी. 

बता दें कि नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में रौशन आनंद के भाई की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी. इसके बाद नेपाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया. प्रिंस यादव का शव जैसे ही उनके गांव धमसैना पहुंचा परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया.

Continues below advertisement

घर के बाहर हजारों की संख्या में भीड़ रात भर जुटी रही. रौशन आनंद जब अपने गांव पहुंचे तो भीड़ और अधिक बढ़ गई. मौके पर पुलिस बल को भी तैनात किया गया था. स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ बिपिन सर सहित कई बड़े शिक्षक भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे. प्रिंस यादव की मौत कैसे हुई है अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है.

यह भी पढ़ें- रौशन आनंद के भाई की मौत पर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, 'गोली चलती है, हत्या होती है, तो…'

घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग

प्रिंस यादव की मौत का सही कारण पता चले इसलिए परिजन सहित अन्य स्थानीय लोगों ने सरकार से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उधर तेजस्वी यादव ने सीबीआई जांच की मांग की है. गांव के लोगों का कहना है कि प्रिंस बहुत अच्छा लड़का था. उस पर जब पटना में मुकदमा दर्ज हुआ तो वो डिप्रेशन में आने के बाद नेपाल चला गया. 

रौशन आनंद बोले- 'हमने तो अपना भाई…'

गांव पहुंचने के बाद भीड़ से रौशन आनंद ने कहा, "जिसने भी इस दुख की घड़ी में कंधा से कंधा मिलाकर हौसला बढ़ाया मैं उनका जीवन भर आभारी रहूंगा. चाहे बिहार का शिक्षक हो या पूरे भारतवर्ष के छात्र हों… हमने तो अपना भाई खो दिया है… लेकिन आप लोग जिस तरह आज प्रिंस के रूप में खड़े हैं मैं जीवन भर ऋणी रहूंगा." 

यह भी पढ़ें- खान सर और रौशन आनंद के मामले में होगी CBI की एंट्री? तेजस्वी ने की मांग, BJP बोली- 'आप नेता…'