अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नगरी राजगीर में सोमवार (25 मई) की रात दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. मलमास मेले में लगे झूले से एक युवक नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया. आनन-फानन में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से उसे अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया. यहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे पटना रेफर कर दिया गया. आज इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई है.
मृतक की पहचान नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के विक्कू गांव निवासी 25 वर्षीय अमन कुमार के रूप में हुई है. अमन की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया.
संतुलन बिगड़ने से अचानक झूले से गिरा अमन
बताया जा रहा है कि अमन अपने दोस्तों के साथ राजगीर घूमने आया था और मेले में लगे बड़े झूले का आनंद ले रहा था. इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा. हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मेले में मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई.
मेले के बाकी सभी झूले बंद कराए गए
घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. प्रशासन की ओर से तत्काल एहतियात बरतते हुए मेले में संचालित सभी बड़े झूलों को अगले आदेश तक बंद करा दिया गया है. साथ ही झूलों के आसपास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी प्रकार की दूसरी अप्रिय घटना न हो सके. प्रशासन अब झूलों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा में जुट गया है.
इधर, मेला थाना में पदस्थापित दरोगा सर्वेश कुमार के लिखित आवेदन पर राजगीर थाना में झूला ठेकेदार राहुल कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी, लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ. पुलिस ने उस झूले की सामग्री और उपकरणों को भी जब्त कर लिया है जिससे युवक गिरा था.
पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के आरोप
इस गंभीर हादसे के बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारी कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए हैं. प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में लगे कई बड़े झूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और नियमित जांच भी नहीं कराई जा रही थी.
इस हादसे के बाद पर्यटक स्थल राजगीर में सुरक्षा व्यवस्था और मेले के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े.
