बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 19 हजार से ज्यादा वोटों से जीतने के बाद जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी व्यक्ति के विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरु नहीं बनेगा.
जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने भविष्य की राजनीति, बांकीपुर विधानसभा के विकास सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की है. प्रशांत किशोर ने कहा कि इस चुनाव में जीत से ज्यादा बीजेपी की हार को देखना चाहिए.
पीके ने कहा कि बीजेपी के लोगों को, बीजेपी के नेतृत्व को, यहां बिहार के लोगों ने बांकीपुर के मतदाता ने एक संदेश दिया है कि आपको बड़ी बहुमत से सरकार बनाने का अवसर दिया गया है. उस अवसर को गंवाइए मत. उस सरकार का नेतृत्व किसी गलत आदमी को मत दीजिए. एक अच्छे आदमी को बिहार में बैठाइए, ताकि बिहार में शिक्षा, रोजगार, पलायन की बात हो सके.
प्रशांत किशोर ने कहा, "बिहार में लोग तरक्की चाहते हैं. लगातार सिर्फ जंगलराज के नाम पर आप वोट मांगते रहे हैं. वोट आपको मिलता भी रहा है और उसी जंगलराज के किसी एक व्यक्ति को भगवा रंग ओढ़ाकर अगर आप कुर्सी पर बैठा देंगे, तो जनता को स्वीकार नहीं होगा."
आगे क्या करेंगे प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर ने भविष्य की रणनीति पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "भविष्य की रणनीति वही है, जो तीन साल से कर रहे हैं, वही लगातार करते रहेंगे. अभी आश्रम जाएंगे, लोगों से मिलेंगे, गांव-गांव जाएंगे. लोगों को फिर समझाने का प्रयास करेंगे कि बांकीपुर की जनता समझ गई. बांकीपुर की जनता के जीवन में अगर सुधार कर पाएंगे तो लोगों को बताएंगे कि बांकीपुर में जो सुधार हो रहा है, वह आपके इलाके में भी हो सकता है."
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर उन्होंने कहा, "बिल्कुल दीघा के बेटे हैं, लेकिन वो वोटर दीघा के हैं, बांकीपुर के नहीं. नितिन नवीन बिहार से हैं और बीजपेी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उस नाते मेरी शुभकामनाएं हैं. हम लोगों के लिए गौरव की बात है कि बिहार का कोई आदमी बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष है, लेकिन बीजेपी के अध्यक्ष के तौर पर वो अच्छा काम करें, तब बेहतर माना जाएगा."
तेजस्वी यादव पर क्या कहा?
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के राजनीतिक भविष्य पर उन्होंने कहा कि उनका भविष्य क्या है, सभी को मालूम है. वे विपक्ष के नेता हैं और लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं. राजद बड़ा दल है, विपक्ष के नेता की भूमिका में हैं.
नीतीश कुमार पर क्या कहा?
पूर्व सीएम नीतीश कुमार के स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वर्तमान में जो जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, इनको तो पार्टी से निकाल दिया गया था. नीतीश कुमार का स्वास्थ्य ठीक होता तो उनके इर्द-गिर्द जो लोग आज उनके नाम पर सत्ता की मलाई खा रहे हैं, ये लोग थोड़ी न होते.
भरत तिवारी मामले का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "जब एक पीड़ित परिवार को, जो एक तरीके से मानसिक तौर पर परेशान है, उसको सम्राट चौधरी से मिलाना और समाज में ये मैसेज दिलाना कि इनका समझौता हो गया है, सिर्फ वोट के लिए तो ये घृणित काम है. मनोज तिवारी ने घिनौना अपराध किया है. उन्होंने कहा, "मैं कैमरे पर मनोज तिवारी को चैलेंज कर रहा हूं, आकर उस परिवार को न्याय दिलवाओ और नहीं दिलवा सकते हो तो जीवन में कभी बिहार नहीं आना. बिहार, दिल्ली नहीं है. यहां के लोग याद रखेंगे. यहां तुम्हारे गाने लोग सुनते होंगे, लेकिन आपकी बात तो नहीं सुन रहे हैं.
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'सम्राट चौधरी से नाराजगी नहीं'
उन्होंने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी से नाराजगी नहीं है. बिहारी होने के नाते इस बात को लेकर नाराजगी है कि नेतृत्व तो बिहार का मुख्यमंत्री कोई ऐसा व्यक्ति कर रहा है, जो सातवीं फेल है और अपनी डिग्री के बारे में गलत सर्टिफिकेट लगाया है. ऐसे व्यक्ति को बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए. हत्या के मुकदमे में जेल रहा है, व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है.
उन्होंने विधानसभा चुनाव 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि हो सकता है कि उस वक्त हमारी बातें वोट में कन्वर्ट नहीं हो पाई. संभव है हम लोगों के संगठन में कमजोरी रही होगी. संभव है कि हम लोग उस समय बात उतनी मजबूती से नहीं रख पाए होंगे. इसके अलावा 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जो चुनाव के वक्त सरकार की ओर से दी गई, इसका भी असर रहा होगा, लेकिन युवा जो बिहार के बाहर कभी गया है, उसको दिखता है कि बिहार कितना पीछे छूट गया है. उन्हें जन सुराज की बातों में वो चीज दिखती है कि हम जो कह रहे हैं, वह बिहार के हक में है. इसलिए युवा हम लोगों के साथ है.
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