जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर सोमवार (16 मार्च, 2026) को आरा पहुंचे. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सोमवार को हुए राज्यसभा चुनाव पर भी प्रतिक्रिया दी. पीके ने कहा कि राज्यसभा में चाहे इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार जाए या एनडीए का, उसको करना कुछ नहीं है, पहले से बिहार के कितने लोग राज्यसभा में बैठे हुए हैं… 40 लोकसभा के सांसद हैं… इन लोगों ने बिहार में कौन सा सुधार कर दिया?
'26 एमपी वाले गुजरात के लोग मालिक'
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस देश में गुजरात के लोगों की चलती है. गुजरात के लोग राजा हैं. 26 एमपी वाले गुजरात के लोग फैक्ट्रियों के मालिक हैं और 40 एमपी वाले बिहार के लोग उन फैक्ट्री में मजदूर हैं. इस बात को स्वीकार कीजिए. जब तक इसको सुधरिएगा नहीं तब तक बिहार की दशा और दिशा नहीं सुधरने वाली है.
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दूसरी ओर देश में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आत्मनिर्भर भारत को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति बन रही है, वह आत्मनिर्भरता की वास्तविक तस्वीर दिखा रही है. पिछले कई वर्षों से देश को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर लोगों से तरह-तरह की कुर्बानियां ली गईं. कभी नोटबंदी के दौरान लोग लंबी लाइनों में खड़े रहे, तो कभी कोविड वैक्सीन के लिए लाइन लगानी पड़ी.
'आज जब वैश्विक संकट आया…'
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता 50 का पेट्रोल-डीजल 100 में खरीद रही है, यह सोचकर कि देश आत्मनिर्भर बन रहा है, लेकिन आज जब वैश्विक संकट आया, तो महज कुछ दिनों में ही गैस खत्म होने लगी और लोगों को फिर से गोइठा और लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर 5-7 दिन के युद्ध में ही घरों के चूल्हे बंद होने की नौबत आ जाए, तो आत्मनिर्भरता के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
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