पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी यादव (Bunty Yadav) की हत्या मामले में गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. साथ ही उन्होंने पुलिस-प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.
मीडिया से बातचीत करते हुए पीके ने कहा कि चार-पांच दिन पहले मैं यहां आया था, तब परिवार के लोग धरने पर बैठे थे. वहां पुलिस प्रशासन भी था. जब पुलिस ने और हमने परिवार से यह कहा कि पुलिस को कार्रवाई करने दीजिए तो पुलिस ने आश्वस्त किया था कि 2 दिन के अंदर लड़के को ढूंढकर ला दिया जाएगा.
सरकार बर बरसे प्रशांत किशोर
पीके ने कहा, "यह जो घटना हुई है, इसमें कहीं न कहीं सरकार का जो आपराधिक चरित्र है कि जाति देखकर गोली मारो, गमछा देखकर गोली मारो और धर्म देखकर गोली मारो… जब सरकार का मुखिया ही इस तरीके के शब्दों का प्रयोग करेगा, तो आप इस तरह के अपराध को बढ़ते हुए ही देखेंगे."
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'यह सरासर गलत और नाइंसाफी'
प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस का जो रवैया है, किसी की मौत के बाद यह बताना कि वह शराब का काम करता था, यह सरासर गलत और नाइंसाफी है. अगर वह व्यक्ति गलत था, तो उसको गिरफ्तार करना था.
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस की बात मान भी लें कि बंटी शराब के धंधे में इन्वॉल्व था, तो उसके ऊपर कोई केस क्यों नहीं था? उस हालत में भी यहां के पुलिस पदाधिकारी सब सस्पेंड होने चाहिए. कैसे उनके थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोई व्यक्ति शराब का धंधा कर रहा था?
पीके ने कहा, "स्थानीय लोग बता रहे हैं कि इस पूरे इलाके में जो भी गलत काम हो रहे हैं, वे बिना पुलिस की मिलीभगत के संभव नहीं है. पुलिस अपनी जान बचाने के लिए मरे हुए व्यक्ति के चरित्र पर सवाल उठा रही है, जो सरासर गलत है." जन सुराज के संस्थापक ने कहा कि पुलिस की गलती से बंटी यादव की हत्या हुई है.
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