बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली करने को लेकर जारी विवाद के बीच सियासत भी तेज हो गई है. इसे लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी विधान परिषद में प्रतिपक्ष की नेता हैं. उसके आधार पर ये घर उनको मिला हुआ है. मीडिया के माध्यम से जहां तक हमलोग जानते हैं, सरकार ये कह रही है कि इस घर को छोड़ दीजिए और दूसरे घर में चले जाइए. यह सही है या गलत है, ये मामला उनके और सरकार के बीच का है. 

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इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग के विस्तार को लेकर भी सवाल खड़े किए और इस पर सरकार से जवाब मांगा. उन्होंने कहा, '' पिछले 25-30 साल से बिहार के मुख्यमंत्री का आवास है एक अणे मार्ग, यह पहले से 8 एकड़ में फैला हुआ बंगला है. पहली बार सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद उसके बगल में देशरत्न मार्ग का जो बंगला है, जो डिप्टी सीएम का था उसे भी मुख्यमंत्री आवास में मिला दिया गया.''

'बिहार के मुख्यमंत्री को 8 एकड़ का बंगला भी कम लग रहा'

उन्होंने आगे कहा, ''मैं मीडिया के माध्यम से बिहार की जनता का बताना चाह रहा हूं कि देश में सबसे धनी राज्यों में एक महाराष्ट्र है. यहां जो मुख्यमंत्री का बंगला है, वो 10-15 कट्ठे में है. देश का सबसे गरीब राज्य है बिहार, वहां के मुख्यमंत्री को 8 एकड़ का बंगला भी कम लग रहा है तो उसमें 5-6 एकड़ का बंगला और मिला लिया गया है. ऐसे में मुख्यमंत्री को दूसरे को बंगला से हटाने, खाली करने या रखने से पहले मुख्यमंत्री और सरकार को जवाब देना चाहिए.''

देशरत्न मार्ग वाले बंगले को CM आवास में क्यों मिलाया?-PK

PK ने सवाल उठाया कि एक अणे मार्ग में जो सीएम का आवासीय परिसर है उसमें देशरत्न मार्ग वाले बंगले को क्यों मिलाया गया है? किस परिस्थिति में मिलाया गया है. उसका भी तो जवाब देना चाहिए. अगर आप दूसरों से शुचिता की बात कर रहे हैं, दूसरों से कह रहे हैं कि आप इतने बड़े बंगले में मत रहिए और अपना जो बंगला है उसे प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा बना रहे हैं, तो बिहार की जनता सवाल करेगी ही करेगी.''  

बता दें कि बिहार सरकार ने 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का नोटिस पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दिया था. इसके बदले में उन्हें 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला अलॉट किया गया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला छोड़ने से इनकार कर दिया. इसके बाद से यह मामला गरमाया हुआ है.

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