बांकीपुर विधानसभा पटना की हाई प्रोफाइल सीट है. इस सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है और जन सुराज से प्रत्याशी के रूप में खुद प्रशांत किशोर मैदान में उतरे हैं. चुनावी ऐलान के बाद सोमवार (06 जुलाई, 2026) को एबीपी न्यूज़ से प्रशांत किशोर ने एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपना एजेंडा बताया.
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उपचुनाव नितिन नवीन के लिए परीक्षा कम और सम्राट चौधरी के लिए अग्निपरीक्षा ज्यादा है. उन्होंने कहा कि 2025 का विधानसभा चुनाव सम्राट चौधरी के नाम पर नहीं हुआ था बल्कि नीतीश कुमार और पीएम मोदी के नाम पर हुआ था. नीतीश कुमार सीएम बने और बाद में सम्राट चौधरी को सीएम बनाया गया.
पीके ने कहा कि सम्राट चौधरी के सीएम रहते यह पहला चुनाव है. अगर मैं जीता तो जनता का यह फैसला ऐसे माना जाएगा कि सम्राट चौधरी बतौर मुख्यमंत्री जनता को स्वीकार नहीं हैं. इससे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव होगा कि यहां के सीएम बदले जाएं. अगर मैं हार गया तो मैं यह मान लूंगा कि जनता को सम्राट चौधरी का नेतृत्व और नीति स्वीकार है.
'बिहार में मैसेज जाएगा कि…'
बातचीत के क्रम में प्रशांत किशोर ने कहा कि हम तो अकेले लड़ रहे हैं, विपक्ष के साझा उम्मीदवार नहीं हैं, लेकिन बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के समर्थकों का एक बड़ा वर्ग मेरा समर्थन कर रहा है. इन सबका कहना है कि हम सब मिलकर आपको जिताएंगे. इस उपचुनाव में मैं जीता तो सरकार तो नहीं बदलेगी, लेकिन बिहार की राजनीति व राज्य को एक नई दिशा जरूर मिलेगी. मैं जीतता हूं तो बिहार में मैसेज जाएगा कि अगर सही आदमी, काम करने वाला आदमी, कहीं से भी खड़ा हो तो जीत सकता है.
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जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोट करने की अपील
उन्होंने यह भी कहा कि यह सीट (बांकीपुर) बीजेपी का गढ़ है, लेकिन इस क्षेत्र की जनता समस्याओं को लेकर जागरूक है. हमें वोट करेगी. बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार के सबसे प्रबुद्ध व समृद्ध लोगों का क्षेत्र है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जाति-धर्म और नेताओं से ऊपर उठकर विकास के लिए, अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस बार वोट करिए.
जनता पर पीके ने जताया भरोसा
प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन साल से इस कोशिश में लगा हूं कि बिहार को एक नया रूप दिया जाए लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली थी. एक यह मौका है, एक नई दिशा बिहार को मिल सकती है. उन्होंने विश्वास जताया कि जनता उनका साथ देगी.
पीके ने आगे कहा कि अगर मैं जीतकर सदन में गया तो अन्य 242 विधायकों पर जनसुराज का एक जन प्रतिनिधि भारी पड़ेगा. जनता की आवाज बनूंगा. हर उस व्यक्ति के साथ खड़ा रहूंगा जिस के साथ न्याय नहीं हो रहा है और जो व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है.
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