जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में रविवार को नालंदा के हरनौत में जनसभा करने पहुंचे. जनसभा के बाद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के जरिए दिल्ली में 86 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने के खुलासे के बाद उनके दिए गए जवाब पर प्रशांत किशोर ने पलटवार किया. साथ ही नीतीश सरकार पर भी जमकर बरसे.
'हम किसी भी तरह के दबंग नहीं हैं'
एक सवाल के जवाब में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई हमसे नहीं डरता. हम किसी भी तरह के दबंग नहीं हैं. हमारे पास पुलिस सुरक्षा नहीं है. मैं एक साधारण परिवार का साधारण लड़का हूं, सत्ता में बैठै लोग जो लोग डरते हैं वे लोगों से डर रहे हैं."
प्रशांत किशोर ने कहा कि मंगल पांडेय ने यह तो स्वीकार कर लिया कि दिलीप जायसवाल से 25 लाख रुपये लिए. यह बताकर वो फंस गए हैं. अब वो बताएं कि बाकी के 61 लाख रुपये किससे लिए? नहीं तो 7 दिन में हम बता देंगे. आगे उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय को कर्ज लेना था तो खुद क्यों नहीं लिए? पिताजी के अकाउंट में लेकर पत्नी को क्यों भेजे?
प्रशांत किशोर ने कहा कि मंगल पांडेय झूठ बोल रहे हैं और सवाल पूछे कि उनके विभाग ने दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को NOC दिया या नहीं और 450 एंबुलेंस का करीब 100 करोड़ रुपया एंबुलेंस कंपनी को दिया या नहीं?
प्रशांत किशोर ने मंगल पांडेय के जवाब कि किशनगंज के एमजीएम कॉलेज को मान्यता देने में स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं है, पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जब तक स्वास्थ्य विभाग एनओसी नहीं देता है, तब तक यूजीसी डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता नहीं देती है.
उन्होंने कहा कि यह सीधी बात है कि मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य मंत्री रहते दिलीप जायसवाल की मदद से दिल्ली में फ्लैट खरीदा. इसके बदले में स्वास्थ्य विभाग ने एनओसी दी, जिससे एमजीएम कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता मिली.
एम्बुलेंस खरीद क्या बोले थे मंगल पांडेय?
पीके ने साथ ही यह भी बताया कि बिहार सरकार के जरिए साल 2022 में खरीदे गए एम्बुलेंस का करीब 100 करोड़ रुपया पेमेंट किया जा चुका है. मामला कोर्ट में जाने की वजह से बाकी एम्बुलेंस का पेमेंट अटक गया है. इससे पहले प्रशांत किशोर के आरोप पर मंगल पांडेय ने कहा था कि एम्बुलेंस खरीद में कोई पेमेंट नहीं किया गया है.
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