बिहार में आरक्षण को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है. बिहार की एनडीए सरकार में शामिल नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने शनिवार (29 अगस्त, 2026) को इस पर दो टूक में जवाब दिया. उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की समीक्षा या बदलाव की कोशिश का कड़ा विरोध किया है. 

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श्याम रजक ने क्या कहा है?

श्याम रजक ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर आरक्षण में छेड़छाड़ होगा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और 'गृहयुद्ध जैसी स्थिति' पैदा हो सकती है." श्याम रजक का यह बयान ऐसे समय आया है जब पटना में भीम आर्मी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री आवास समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है. 

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रदर्शन आरक्षण के मुद्दे पर नहीं है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है. छात्र आंदोलन को लेकर श्याम रजक ने कहा कि सरकार ने कई मांगों को स्वीकार किया है. 

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बयान केबाद सियासत तेज होने की उम्मीद

उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत है, उसकी जांच होनी चाहिए. आरक्षण पर उनके तल्ख बयान के बाद बिहार की सियासत में इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था प्रदर्शन

बता दें कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बीते गुरुवार को दिल्ली में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के सदस्यों से मुलाकात की थी.  कुछ दिन पहले ही सैकड़ों लोगों ने जाति के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण और अन्य सरकारी सहायता दिए जाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' नाम क पेज से आह्वान पर 21 अगस्त को यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था. 

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