पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के पटना आवास पर शुक्रवार (6 जनवरी) की रात पुलिस पहुंची है. उनकी मीडिया टीम के तरफ से वीडियो जारी किया गया. मीडिया टीम ने बताया कि कुर्की जब्ती के आदेश के मामले में पुलिस आयी है. दरअसल 2 दिन पहले ही पप्पू यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश दिया गया था. पटना की एमपी-एमएलए अदालत ने उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया. पप्पू यादव समेत तीनों पर धोखाधड़ी कर मकान किराए पर लेने का आरोप लगाया गया है. 

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31 साल पुराना मामला

मामला साल 1995 का है. पटना के गर्दनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायतकर्ता का नाम विनोद बिहारी लाल है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके मकान को धोखे से किराए पर लिया गया. मकान मालिक को बाद में जानकारी हुई थी कि उसके मकान का इस्तेमाल सांसद का ऑफिस चलाने के लिए किया जा रहा है. इससे पहले मकान को किराए पर लेते वक्त इस बात को छिपाया गया था. 

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गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है कोर्ट

कोर्ट का आदेश आरोपियों के लंबे समय से अदालत में पेश नहीं होने के कारण आया है. इससे पहले अदालत गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार जारी कर चुकी थी. इसके बावजूद आरोपियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

मुझे मारने की साजिश है- पप्पू यादव

इस बीच सांसद पप्पू यादव ने कहा, "पुलिस मुझे गिरफ्तार करने पहुंची है. मुझे मारने की साजिश है." पप्पू यादव ने कहा कि वो रात में नहीं जाएंगे. सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने वकील को बुलाया है. सुबह हमको कोर्ट ले चलिए. कोर्ट को जहां लगेगा, वहां भेजेगा. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय भी ऐसी ही साजिश हुई थी.

एक सांसद की जान बिहार में खतरे में है- पप्पू यादव

पप्पू यादव ने आरोप लगाया, "ये लोग मरवा भी सकते हैं. यहां के एसपी पर तो भरोसा नहीं किया जा सकता. जहानाबाद की बच्ची को लेकर मैं लड़ाई लड़ रहा हूं. पप्पू यादव से इनको डर है. पप्पू यादव को इस तरह से लगातार टॉर्चर किया जा रहा है. बदलने की भावना से कार्रवाई की जा रही है. कोर्ट का आदेश कुर्की का है तो मेरे यहां वो कैसे बिना वारंट के आ गए. एक सांसद की जान बिहार में खतरे में है."