भोजपुरी फिल्म स्टार और बीजेपी के स्टार प्रचारक पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह काराकाट विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं. शुक्रवार (14 नवंबर, 2025) को विधानसभा चुनाव (2025) का रिजल्ट जारी हो जाएगा. रिजल्ट से पहले ज्योति सिंह को राहत मिली है. एफआईआर दर्ज होने के मामले में गुरुवार (13 नवंबर, 2025) को ज्योति सिंह को कोर्ट से बेल मिल गई है. एसडीएम प्रभात कुमार की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

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क्या है पूरा मामला?

बिक्रमगंज के डेहरी रोड स्थित एक होटल में 10 तारीख की रात छापेमारी की गई थी. ज्योति सिंह यहां ठहरी थीं. उनके कुछ समर्थक भी थे. इस दौरान छापेमारी करने गई टीम और ज्योति सिंह के बीच नोकझोंक हुई थी. वीडियो सामने आया था. इसके अगले ही दिन एसडीएम प्रभात कुमार ने ज्योति सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी थी. 

ज्योति सिंह ने लगाए आरोप

इसी मामले में ज्योति सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई हुई और सब-जज राजेश कुमार की अदालत ने उन्हें जमानत मिल गई. कोर्ट से राहत मिलने के बाद ज्योति सिंह ने मीडिया से बातचीत में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, "मेरे नामांकन के समय से ही कुछ अधिकारी विपक्षी दलों के इशारे पर साजिश रच रहे हैं. पहले मेरे नामांकन को रद्द करवाने की कोशिश की गई, लेकिन जब उसमें वे असफल रहे, तो अब बिना महिला कांस्टेबल के मेरे होटल के कमरे की तलाशी ली गई. यह मेरे बढ़ते जनसमर्थन से घबराए विरोधियों की सोची-समझी चाल है."

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दूसरी ओर ज्योति सिंह ने यह भी आशंका जताई कि एसडीएम प्रभात कुमार मतगणना के दौरान धांधली करा सकते हैं. उन्होंने इस संबंध में निर्वाचन पर्यवेक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है और मांग की है कि मतगणना प्रक्रिया से एसडीएम को दूर रखा जाए.

एसडीएम प्रभात कुमार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, होटल में तलाशी अभियान चुनाव आचार संहिता के तहत एक नियमित जांच प्रक्रिया थी.

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