राजधानी पटना में बढ़ते तापमान और हीटवेव (Heatwave) से जनजीवन पूरी तरह त्रस्त है. इंसान तो गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के जतन और घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं, लेकिन इस भीषण गर्मी का बड़ा असर बेजुबान जानवरों पर भी पड़ रहा है.

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एबीपी न्यूज़ (ABP News) की टीम ने पटना जू (संजय गांधी जैविक उद्यान) के ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर जायजा लिया कि इस जानलेवा गर्मी से जानवरों को बचाने के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं. जू प्रशासन ने वन्यजीवों को राहत देने के लिए कई बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं.

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चिंपांजी और सांपों के लिए AC की व्यवस्था

जिन जानवरों और सरीसृपों (Reptiles) पर गर्मी का सबसे ज्यादा असर पड़ता है, उन्हें ठंडक देने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:

  • चिंपांजी: पटना जू में रह रहे चिंपांजी को गर्मी से बचाने के लिए उनके बाड़े में AC (एयर कंडीशनर) और कूलर लगाए गए हैं.
  • सांप और अजगर: बड़े-बड़े सांपों और पाइथन (Python) को गर्मी में दिक्कत न हो, इसके लिए उनके शेड में भी AC का प्रबंध किया गया है.

बाघों के लिए कूलर और कृत्रिम तालाब

बाघ और बाघिन के विश्राम गृह (Enclosures) में बड़े-बड़े कूलर और पंखे लगाए गए हैं. जो जानवर खुले में रहना पसंद करते हैं, उनके लिए बाड़े में कृत्रिम तालाब (Artificial Ponds) बनाए गए हैं. एबीपी के कैमरे में कैद तस्वीरों में भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए बाघ तालाब में नहाते हुए, तो वहीं हॉग डियर (Hog deer) पानी में अठखेलियां करते नजर आए.

पक्षियों के लिए फव्वारे और पुआल की छत

चिड़ियाघर में मौजूद पक्षियों को झुलसाने वाली गर्मी से बचाने के लिए उनके पिंजरों और शेड में लगातार पानी के फव्वारों (Sprinklers) का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके साथ ही, पक्षियों के शेड के ऊपर पुआल और घास की मोटी परत बिछाई गई है, ताकि सीधी धूप का असर कम हो और अंदर का तापमान ठंडा रहे. भीषण गर्मी के इस दौर में पटना जू प्रशासन की ये पहल बेजुबान जानवरों और पक्षियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है.

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