Bihar Politics: पटना में मंगलवार को शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज से बिहार की सियासत गर्मा गई है. विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कार्रवाई की निंदा की. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग कर रहे युवाओं की बर्बर पिटाई, अन्याय और अत्याचार करना नीतीश-बीजेपी सरकार का मुख्य शौक है. उन्होंने आरोप लगाया कि निकम्मी सरकार अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देती है जबकि छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों पर जब मर्जी लाठीचार्ज कर देती है.

आरजेडी के साथ महागठबंधन में शामिल कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुर्सी बचाने में जुटे हैं और युवाओं की पिटाई हो रही है. बता दें कि टीआरई-3 का सप्लीमेंट्री रिजल्ट जारी करने की मांग के लिए शिक्षक अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी बरसाकर मौके से खदेड़ दिया. बीपीएससी टीआरई-3 अभ्यर्थियों ने गर्दनीबाग पहुंचकर दोबारा धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.

शिक्षक अभ्यर्थियों को मिला विपक्ष का साथ

लाठीचार्ज के बाद शिक्षक अभ्यर्थी सरकार से नाराज हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव में सरकार को सबक सिखाने की चेतावनी दी. विपक्ष ने लाठीचार्ज को मुद्दा बना लिया है. कार्रवाई के खिलाफ राजद और कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. तेजस्वी यादव ने कहा, "सभी लोग एकजुट होकर इस बार एनडीए की 20 वर्षों की निकम्मी, आवारा और नकारा सरकार को बदलेंगे." राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अभ्यर्थी चुनाव में वोट की चोट से बदला लेंगे.

लाठीचार्ज की RJD के साथ कांग्रेस की निंदा

उन्होंने कहा लोकतांत्रिक तरीके से मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठी बरसाना दर्शाता है कि सरकार की विदाई का समय आ गया है. कांग्रेस ने सवाल पूछा है कि ये कैसा न्याय है? प्रदर्शनकारी महिलाओं तक को भी नहीं बख्शा गया. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि नौकरी की मांग करना जदयू बीजेपी की सरकार को हजम नहीं हुआ. उन्होंने कहा, "बिहार की हकीकत है कि नौकरी मांगने पर लाठियां मिलती हैं. बीपीएससी टीआरई-3 के अभ्यर्थी मुख्यमंत्री से शिकायतों को लेकर मिलना चाह रहे थे."

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