बिहार के पटना में दिनदहाड़े सुलतानगंज थाना से महज 300 गज की दूरी पर वकील जितेंद्र मेहता की गोली मारकर हत्या मामले को पुलिस ने 48 घंटे में मंगलवार को सुलझा दिया है. इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही एक पिस्तौल और एक मैगजीन भी पुलिस ने बरामद किया है.
पूरे मामले में क्या है पुलिस का खुलासा?
घटना को अंजाम देने में कोई और नहीं बल्कि वकील की बेटी का बॉयफ्रेंड था, जिसने शूटर को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर अपनी गर्लफ्रेंड के पिता की हत्या करवा दी. पूरे मामले का खुलासा करते हुए पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि जिस वक्त घटना हुई थी, उसी वक्त से हम लोग अनुसंधान में जुट गए थे. 24 घंटे के अंदर इस कांड में शामिल सभी लोगों की जानकारी इकट्ठा कर ली गई और 48 घंटे के अंदर इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
एसएसपी ने बताया कि घटना के शुरुआती दौर से ही हम लोग को जानकारी मिल गई थी कि मृतक जितेंद्र मेहता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन वह अपने बेटी के बॉयफ्रेंड से नाराज थे. इसके लिए वह बेटी को भी हमेशा भला बुरा कहते थे. इसके बाद हमारी टीम ने सघन छापेमारी कर गिरफ्तारी की तो उनकी बड़ी बेटी का बॉयफ्रेंड मोहम्मद शोएब उर्फ सोनू जो मुख्य रूप से एसी मैकेनिक है, उससे प्रेम प्रसंग चल रहा था. यह काफी पुराना प्रेम प्रसंग था.
बताया गया है कि 2022 में ही कोर्ट मैरिज इन दोनों ने किया था, लेकिन जितेंद्र मेहता इसको अपनाने के लिए तैयार नहीं थे. वह इसका विरोध कर रहे थे, इसी को लेकर शोएब ने अपने रास्ते का कांटा बने जितेंद्र मेहता को हटाने का प्लान बनाया. हालांकि सोनू के इस प्लान में वकील साहब की बेटी थी या नहीं इस पर उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसी बातें सामने नहीं आ रही है कि उनकी बेटी भी इस घटना में शामिल थी. यह सारी प्लानिंग सोनू की रची हुई थी.
उन्होंने बताया कि सोनू ने अपने दोस्त आकाश उर्फ कल्लू और मोहम्मद अली से इसको लेकर सम्पर्क साधा और उन दोनों के साथ मिलकर इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची. इन दोनों ने ही दो शूटर निरंजन और आदित्य को हायर किया और डेढ़ लाख में सुपारी दी गई. 10000 अग्रिम राशि दी गई थी. वकील पर गोली आदित्य ने चलाई थी.
कांड में आठ लोगों की गिरफ्तारी
निरंजन बाइक पर बैठा हुआ था. एसएसपी ने बताया कि घटना में उपयोग किए गए बाइक को भी बरामद कर लिया गया है. यह पांच लोग मुख्य रूप से थे, इसके अलावा भी तीन लोग सहयोगी में थे और कुल मिलाकर इस पूरे कांड में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पूरे मामले का उद्वेदन हो चुका है.
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