28 मई को बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) में मारपीट हुई थी. कई गार्ड ने मिलकर मरीज के परिजनों के साथ मारपीट की थी. दो लोगों का सिर फूट गया था. इस मामले में 10 से 15 अज्ञात गार्ड के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई थी. इस मामले में कार्रवाई क्या हुई इसको लेकर एबीपी न्यूज़ ने पीएमसीएच के अधीक्षक राजीव कुमार से बात की. 

Continues below advertisement

राजीव कुमार ने बताया कि जो घटना हुई थी उसका सीसीटीवी फुटेज हम लोगों ने देखा है. जिस महिला का सिर फूटा था वह भागदौड़ में अपनी ही बाइक की चपेट में आई थी. उसी से चोट लगी थी. कुछ गार्ड उग्र हुए थे इसको लेकर एजेंसी को भी हमने बुलाया है. सभी गार्ड को बुलाकर पूछताछ की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो. एजेंसी को और सभी गार्ड को चेतावनी दी गई है. मरीजों और उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार हो इसका हम लोग विशेष ख्याल रख रहे हैं.

क्यों हो रही दिक्कत?

पीएमसीएच के अधीक्षक ने सफाई में कहा कि कई साल से अस्पताल का काम चल रहा है, जिसके कारण सड़क की व्यवस्था अच्छी नहीं है. पार्किंग की व्यवस्था अच्छी नहीं है. इसके कारण गार्ड नियम को फॉलो करते हैं, लेकिन उस पर कई परिजन अड़ जाते हैं. जो जानकारी मिली है कि उस दिन भी ऐसा ही हुआ था. जेपी पथ से गाड़ी लेकर परिजन आए थे और इमरजेंसी के पास पार्किंग कर रहे थे जो अनाधिकृत है. इसी पर बहस हुई थी. 

Continues below advertisement

पुलिस भी नहीं है एक्टिव: अधीक्षक 

उन्होंने कहा कि उस घटना में जो गार्ड शामिल थे उन्हें उनके खिलाफ एजेंसी को बोला गया है कि वे अपनी ओर से कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना रोकने के लिए पुलिस भी पूरी तरह एक्टिव नहीं है. पीएमसीएच में टीओपी है ,लेकिन पुलिस राउंड नहीं करती है. अगर हमेशा राउंड में रहे तो ऐसी घटना नहीं होगी. दलाल भी पीएमसीएच में नहीं दिखेंगे.

यह भी पढ़ें- खान सर कोचिंग मामला: रोशन आनंद सहित 3 गिरफ्तार, शिक्षा मंत्री बोले- 'अगले 3 महीने में…'

उन्होंने बताया कि पार्किंग को लेकर समस्या आती है क्योंकि पीएमसीएच में अभी पार्किंग की पूरी व्यवस्था नहीं है. जितनी व्यवस्था है उतने में तो डॉक्टर और कर्मचारियों की भी गाड़ी नहीं लग पाती है. मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है जिसका काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा. 

इस मामले में पीएमसीएच के टीओपी प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि 10 से 15 गार्ड इस घटना में शामिल थे. एफआईआर में यह बात लिखी गई थी. चार गार्ड को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. जो मामला था उसमें थाने से जमानत दी जा सकती थी इसलिए थाने से ही बेल दे दी गई. उन्होंने बताया कि तीन-चार गार्ड से पूछताछ की गई है. उनकी निशानदेही पर 5 से 6 गार्ड के और नाम आए हैं. उन पर कार्रवाई जल्द की जाएगी.

यह भी पढ़ें- दिल्ली के मालवीय नगर में हुई घटना पर CM सम्राट चौधरी का रिएक्शन, जानिए क्या कुछ कहा