पटना में जमीन विवाद को लेकर खूनी खेल, रिसेप्शन पार्टी के दौरान 2 सगे भाइयों को गोलियों से भूना
Patna News: पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में रविवार रात रिसेप्शन पार्टी के दौरान 32 वर्षीय मनीष कुमार और 23 वर्षीय मंजीत कुमार नाम के दो सगे भाइयों को गोली मारकर हत्या कर दी गई.

बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा जमीन विवाद को खत्म करने का बड़ा अभियान चलाने की बात कर रहे हैं, लेकिन भूमि विवाद में हिंसक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक बड़ा मामला राजधानी पटना से आया है, जहां रविवार की रात गोपालपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में रिसेप्शन पार्टी के दौरान दो सगे भाइयों को गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना उस वक्त हुई जब रिसेप्शन पार्टी में काफी लोग इकट्ठा थे और अचानक दनादन गोलियां चलने लगीं.
जानकारी के मुताबिक पटना के गोपालपुर थाना अंतर्गत शाहपुर गांव में रविवार की रात दौलत राय नाम के व्यक्ति के घर उनके बेटे की रिसेप्शन पार्टी चल रही थी. पार्टी में शामिल होने के लिए पास के 32 वर्षीय मनीष कुमार और 23 वर्षीय मंजीत कुमार, दोनों सगे भाई, पहुंचे थे. पार्टी में उसी वक्त दनादन गोलियां चलने लगीं और दोनों भाइयों को टारगेट करके सीधे गोली मारी गई. गोली चलने से पार्टी में हड़कंप मच गया. दोनों भाई अचेत अवस्था में गिर गए. आनन-फानन में दोनों को पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.
आरोपियों की पहचान हुई
घटना की सूचना पर गोपालपुर थाना की पुलिस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे. पटना पूर्वी SP परिचय कुमार ने बताया कि दोनों मृतक सगे भाई हैं और अपराधियों की पहचान हो गई है. बहुत जल्द गिरफ्तारी की जाएगी. इसमें पुराना भूमि विवाद की बातें सामने आ रही हैं. मौके से तीन खोखे बरामद किए गए हैं.
40 साल पुराना जमीन विवाद
विस्तृत जानकारी देते हुए मृतक मनीष और मंजीत के पिता ने बताया कि 6 एकड़ 56 डिसमिल जमीन का पास के कृष्णा राय और प्रेम राय, जो दोनों भाई हैं, उनसे 40 वर्ष पुराना विवाद चल रहा था. गोपालपुर थाना पुलिस समेत DSP, SP, IG, DIG सभी लोग इस बात को जानते हैं. मामला कोर्ट में था और करीब चार से पांच महीने पहले कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया था. जिसके बाद से कृष्णा राय और प्रेम राय, दोनों भाई और उनके बेटे एवं परिवार बौखलाए हुए थे.
पिता को था अंदेशा
मृतकों के पिता ने बताया कि रात में दोनों बेटे पार्टी में जा रहे थे, तब उन्हें शक हुआ था कि कोई अनहोनी न हो जाए. इसलिए उन्होंने दोनों बेटों को मना भी किया था कि पार्टी में न जाओ, लेकिन वे चले गए और वही हुआ जिसका डर था. यह घटना एक बार फिर बिहार में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसक घटनाओं की गंभीरता को दर्शाती है.
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