पटना का मुसल्लहपुरहाट इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है. वजह है चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर कथित हमला और उसके बाद शुरू हुई पुलिस कार्रवाई. इस घटना ने न सिर्फ कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा की चर्चा छेड़ दी है, बल्कि यह सवाल भी उठाया है कि आखिर मुसल्लहपुरहाट कैसे बिहार की कोचिंग राजधानी बन गया. आज इस इलाके में सैकड़ों कोचिंग संस्थान और हजारों छात्र मौजूद हैं, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं.
25 वर्षों में कोचिंग सेंटरों का सबसे बड़ा केंद्र बना मुसल्लहपुरहाट
मुसल्लहपुरहाट और इसके आसपास का करीब दो किलोमीटर का इलाका पिछले 25 वर्षों में शिक्षा और कोचिंग का बड़ा केंद्र बन चुका है. महेंद्रू, भीखना पहाड़ी, नया टोला, बाजार समिति, बहादुरपुर, कोइरी टोला, लंगड़टोली और नहर पार जैसे इलाकों में 200 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं.
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स्थानीय लोगों की मानें तो साल 2000 के आसपास इस क्षेत्र में जमीन अपेक्षाकृत सस्ती थी. बाजार समिति क्षेत्र में कुछ शिक्षकों ने बड़े स्तर पर कोचिंग संस्थान शुरू किए, जिसके बाद यहां कोचिंग उद्योग तेजी से बढ़ने लगा. धीरे-धीरे यह इलाका बिहार के छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा शैक्षणिक केंद्र बन गया और जमीनें महंगी होती गईं.
गरीब छात्रों की पहली पसंद क्यों है यह इलाका?
हालांकि मुसल्लहपुरहाट की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत वाली व्यवस्था है. यहां छात्रों को दो से तीन हजार रुपये महीने में कमरे और लॉज मिल जाते हैं. कई छात्र मिलकर एक कमरे में रहते हैं और अपनी पढ़ाई करते हैं.
बिहार के विभिन्न जिलों से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र विशेष रूप से इसी इलाके को चुनते हैं. यहां सिपाही, दारोगा, रेलवे, शिक्षक भर्ती, बीपीएससी और अन्य सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थानों की संख्या सबसे अधिक है. यही वजह है कि हर साल हजारों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुसल्लहपुरहाट का रुख करते हैं.
खान सर, रोशन आनंद और गुरु रहमान क्यों हैं चर्चा में?
कोविड महामारी और लॉकडाउन के बाद इस इलाके में नए शिक्षकों का प्रभाव तेजी से बढ़ा. इनमें सबसे प्रमुख नाम खान सर का है, जिनका खान जीएस रिसर्च सेंटर आज बिहार ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चित है.
इसी क्षेत्र में ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद भी बड़ी संख्या में छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार उनकी कक्षाएं समाप्त होने के बाद सड़कें छात्रों से भर जाती हैं. इसके अलावा गुरु रहमान भी सिपाही, दारोगा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं.
हाल के विवाद में खान सर ने अपने संस्थान पर हमले का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है.
कोचिंग उद्योग ने बदल दी इलाके की पहचान
मुसल्लहपुरहाट में खान जीएस रिसर्च सेंटर, ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी, गुरु रहमान का संस्थान, द प्लेटफॉर्म एजुकेशन सेंटर, मेंटर एडसर्व, कृष्णा कोचिंग सेंटर, मेहता गणित, आनंद रीजनिंग क्लासेज, भारतीय अकादमी और कई अन्य संस्थान संचालित हैं.
हालांकि पटना का बोरिंग रोड, कंकड़बाग और सगुना मोड़ भी कोचिंग हब के रूप में विकसित हुए हैं, लेकिन मुसल्लहपुरहाट की पहचान आज भी गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के सबसे बड़े शैक्षणिक केंद्र के रूप में बनी हुई है. यहां कोचिंग संस्थानों, लॉज और छात्र जीवन ने मिलकर एक ऐसी अर्थव्यवस्था तैयार कर दी है, जिसने पूरे इलाके की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदल दी है.
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