Digha Assembly Seat: करीब 5 लाख मतदाताओं वाले पटना जिले के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र दीघा में 2025 की विधानसभा चुनाव के लिए लोग कितना तैयार हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान कितना हुआ है. इसका जायजा लिया एबीपी न्यूज की टीम ने. आइये जानते हैं क्या है ग्राउंड रिपोर्ट? 

2015 से लगातार हैं बीजेपी के विधायक 

अभी तक इस विधानसभा क्षेत्र पर लगातार एनडीए का कब्जा रहा है. पहले जदयू तो 2015 से लगातार भाजपा के संदीप चौरसिया विधायक बने हैं, लेकिन इस क्षेत्र के दो सबसे बड़े नाले राजीव नगर से अटल पथ होते हुए कुर्जी पुल तक नाला, जिससे करीब दो लाख लोग लोग प्रभावित होते हैं और दूसरा बाबा चौक से आनंदपुरी होते हुए राजा पुल तक का नाला जिसमें अब तक सुधार नहीं हुआ है. इस नाले से करीब एक से डेढ़ लाख लोग प्रभावित रहते हैं.

यह सभी इलाका राजधानी पटना का भीड़ भाड़ वाला इलाका है. नाला के चारों ओर घनी आबादी है. लोग इसी रास्ते से आते जाते हैं और नाले की बदबू भी लेते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में तो वह स्थिति हो जाती है कि नाले का पानी ऊपर हो जाता है और सड़क पर बहने लगते हैं. चलना मुश्किल हो जाता है. एनडीए सरकार में 2005 से लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने हुए हैं, लेकिन अब तक इस नाले पर सरकार की कोई नजर नहीं गई.

हालांकि स्थानीय विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि इस पर अब बहुत बड़ा काम होने जा रहा है. पहले इस क्षेत्र में चलना मुश्किल होता था. हम राजीव नगर से अटल पथ होते हुए कुर्जी पुल तक नाला पाटकर फोरलेन सड़क का निर्माण करवा रहे हैं, जो 181 करोड़ की लागत से बनने वाली है. बाबा चौक से आनंदपुरी होते हुए राजा पुल तक नाला पाट कर फोरलेन सड़क बनवाने का काम शुरू हो चुका है, जो 105 करोड़ की लागत से बनेगा.

संजीव चौरसिया का क्या है दावा? 

संजीव चौरसिया का दावा है कि बड़े-बड़े काम हमने किया है, जो जनता देख रही है. इसका टेंडर हो चुका है और कई जगह से काम शुरू भी हो चुके हैं. हालांकि यह काम चुनाव के बाद ही संपन्न होने का पूरा अनुमान है. स्थानीय लोग ने बताया कि अब काम शुरू हो गए हैं तो निश्चित तौर पर नाला का दर्शन नहीं होगा और इस पर सड़क बन जाएंगे यह काम हो जाने से अब हम लोग गर्व से कर सकते हैं की राजधानी पटना में हैं, लेकिन वर्तमान में जो स्थिति है वह काफी खराब है.

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