बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर किताबों और साहित्य के उत्सव का केंद्र बनने जा रही है. गांधी मैदान में 5 दिसंबर से शुरू होने वाला पटना पुस्तक मेला 16 दिसंबर तक चलेगा. सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित इस 41वें पुस्तक मेले को इस बार देश के चर्चित कथाकार अवधेश प्रीत को समर्पित किया गया है. साहित्य जगत में उनकी रचनात्मक उपस्थिति और सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष सम्मान दिया जा रहा है.

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सीआरडी पटना पुस्तक मेला के अध्यक्ष और चर्चित साहित्यकार रत्नेश्वर ने जानकारी दी कि इस बार मेले में करीब 300 नए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें मुशायरा, कवि सम्मेलन, ज्ञान और गुरुकुल, किताबों पर संवाद, युवा स्वर, स्वास्थ्य-संवाद, कला दीर्घा, जनसंवाद, बच्चों के नाटक, कैम्पस एक्टिविटी और स्कूल उत्सव जैसे कई प्रमुख आयोजन शामिल हैं.

पुस्तक मेले में लगाए जाएंगे कुल 200 स्टॉल

जानकारी के अनुसार, मेले में इस बार देश के लगभग सभी प्रमुख प्रकाशक शामिल होंगे. कुल 200 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, उपकार प्रकाशन, सेतु प्रकाशन, सम्यक प्रकाशन, मंजुल प्रकाशन, दिव्यांश पब्लिकेशंस, हिंद युग्म, साहित्य अकादमी और कई अन्य बड़े नाम शामिल होंगे. पुस्तक प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा कि वे विभिन्न प्रकाशनों की नई और लोकप्रिय किताबें एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकें.

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'वेलनेस ए वे ऑफ लाइफ' पर आधारित होगी मेले की थीम

मेले की इस बार की थीम 'वेलनेस ए वे ऑफ लाइफ' पर आधारित है. इसी थीम पर राष्ट्रीय स्तर का विशेष कार्यक्रम 'स्वास्थ्य-संवाद' आयोजित होगा, जिसका संयोजन डॉक्टर विकास शंकर करेंगे. देश के कई प्रमुख डॉक्टर इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, जीवनशैली और मानसिक कल्याण पर चर्चा करेंगे.

पुस्तक मेले में साहित्यिक पुरस्कारों का भी आयोजन होगा. चर्चित लेखक-संपादक प्रभात रंजन के संयोजन में 'शशिभूषण द्विवेदी सम्मान' प्रदान किया जाएगा. वहीं पटना पुस्तक मेला और पटना लिटरेरी फेस्टिवल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय मुशायरा का आयोजन होगा. इसके साथ ही एक भव्य कवि सम्मेलन भी होगा, जिसमें नीलोत्पल मृणाल, चंदन द्विवेदी, रजत, रजनी सिंह अवनी और कुमार अनमोल जैसे लोकप्रिय कवि शिरकत करेंगे.

मेले में प्रदर्शित होगी कलाकारों की विभिन्न कृतियां

जानकारी के अनुसार, मेले का एक और आकर्षण होगा 'बिहार की पहचान' नामक भव्य कला दीर्घा, जिसमें विभिन्न कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित होंगी. बच्चों के लिए हर दिन 'स्कूल उत्सव' का आयोजन होगा जिसमें पटना के स्कूलों के बच्चे गीत, संगीत और नृत्य प्रस्तुत करेंगे.

युवाओं के लिए खास कार्यक्रम ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ आयोजित होगा, जिसे चर्चित किस्सागो डॉक्टर कुमार विमलेन्दु संयोजित करेंगे. इसमें दुनिया की मशहूर प्रेम कहानियां रोचक अंदाज में सुनाई जाएंगी. इसके अलावा 'ज्ञान और गुरुकुल', 'संपादक से संवाद' जैसे कार्यक्रम युवाओं और पाठकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे. साहित्य, कला, स्वास्थ्य और युवा संस्कृति से भरपूर यह मेला इस बार भी पटना की सांस्कृतिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है.

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