बिहार में शिक्षक और प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है. पटना के कृष्णा घाट पर छात्रों की एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की गई. 

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बैठक में अभ्यर्थियों ने ऐलान किया कि 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर महाआंदोलन शुरू किया जाएगा. इस दौरान छात्र आमरण अनशन भी करेंगे.

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TRE-4 विज्ञापन समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन

अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन कई लंबित मांगों को लेकर होगा. इसमें शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का विज्ञापन जारी करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा, चतुर्थ स्नातक स्तरीय परीक्षा और BSO परीक्षा की तिथि घोषित करने जैसी मांगें शामिल हैं.

गर्दनीबाग में होगा छात्रों का महा आंदोलन

छात्र नेताओं ने बताया कि 18 अगस्त से शुरू होने वाला आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा. अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षाओं और भर्तियों को लेकर इंतजार किया जा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.

BSSC और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर भी नाराजगी

अभ्यर्थियों ने बीएसएससी से संविदा वेज हटाने और लाइब्रेरियन बहाली की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई है. छात्रों का कहना है कि रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए.

छात्रों ने सरकार से की जल्द कार्रवाई की मांग

बैठक में मौजूद अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. छात्रों ने बड़ी संख्या में युवाओं से गर्दनीबाग पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. इसके साथ ही 18 अगस्त के लिए प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है.

छात्र नेता दिलीप तिवारी का कहना है कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी कहते थे कि जुलाई में हर हाल में TRE-4 का विज्ञापन आ जाएगा. जून में जुलाई, बोल रहे थे, अब अगस्त में बोल रहे हैं कि अधियाचना भेज दी गई है. यह खेल सालभर से चल रहा है. या तो TRE-4 का विज्ञापन जारी करिए या इस्तीफा दे दीजिए. नहीं तो 18 अगस्त से मैं अनशन पर बैठने जा रहा हूं. जहां बड़ी संख्या में छात्र पहुंचने वाले हैं. उसके बाद विधानसभा का भी घेराव होगा.

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