पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर (Education Minister Chandrashekhar) के 'रामचरितमानस में पोटेशियम साइनाइड वाले कथित बयान पर केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह तो गलत है. मुख्यमंत्री को ऐसे लोगों को शिक्षामंत्री के पद से हटाना चाहिए. इससे पूरे बिहार और खासकर के शिक्षा विभाग का माहौल खराब होता है. हमारी सलाह है कि मुख्यमंत्री ऐसे व्यक्ति को शिक्षा विभाग से हटा दें और किसी योग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाएं. इसके साथ ही सनातन धर्म के खिलाफ उदयनिधि स्टालिन (Udayanidhi Stalin) के बयान को उन्होंने असंवैधानिक बताया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उदयनिधि स्टालिन को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. 

शिक्षा विभाग के सचिव और मंत्री में 36 का संबंध है- पशुपति कुमार पारस 

पशुपति कुमार पारस ने कहा कि शिक्षा मंत्री की आदत हो गई है. कई बार उन्होंने ऐसे बयान दिया है. शिक्षा विभाग के सचिव और मंत्री में 36 का संबंध है. बिहार सरकार नीतीश कुमार कोशिश करें कि 63 का संबंध मंत्री और मुख्य सचिव के बीच बने. शिक्षा एक महत्वपूर्ण विभाग है, लेकिन शिक्षा मंत्री बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाए हुए हैं. 

'पत्रकारों का बहिष्कार लोकतंत्र की हत्या है'

वहीं, जी-20 को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जी-20 का सफल आयोजन हुआ. आजादी के 75 वर्ष बाद इस तरह का बेहतरीन आयोजन हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शिक्षक की भूमिका में थे. आगे इंडिया गठबंधन द्वारा पत्रकारों के बहिष्कार पर पशुपति पारस ने कहा ये गलत बात है. पत्रकारों का बहिष्कार लोकतंत्र की हत्या है. धमकी वाले मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मैंने चिराग का नाम नहीं लिया था. धमकी देने वाले ने चिराग का नाम लिया था.

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