बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद मुख्यमंत्री के पद पर किसे जिम्मेदारी दी जाती है यह देखना होगा, लेकिन सियासी गलियारे में बयानबाजी तेज है. सांसद पप्पू यादव ने तो मांग की है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को ही सीएम बनाया जाए. बाद में भले बीजेपी का कोई सीएम बन जाए लेकिन पहले निशांत को मौका मिलना चाहिए. शुक्रवार (13 मार्च, 2026) को सांसद पप्पू यादव पटना में मीडिया से बात कर रहे थे.
पप्पू यादव ने कहा, "नीतीश कुमार के पास अभी ही मौका है, पहले निशांत को बना लें, दो साल ये (जेडीयू) और दो साल बीजेपी मिलकर सरकार चला ले. पहले निशांत को बना दीजिए. फिर बाद में बीजेपी को दे दीजिएगा. बाद में नीतीश जी निशांत को बना पाएंगे या निशांत बन पाएंगे मुझे नहीं पता. जनता का जनादेश मिला है और नीतीश कुमार पद छोड़ना चाहते हैं तो निशांत को अपना पद जरूर दें."
सांसद पप्पू यादव के अलावा जेडीयू के कार्यकर्ता पहले से ही यह मांग कर रहे हैं कि निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए. हालांकि जेडीयू हो या फिर बीजेपी, दोनों पार्टियों की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि अगला सीएम कौन होगा यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा. अब जब पप्पू यादव ने बयान दिया है तो सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो सकती है.
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चुनाव आयोग बीजेपी का दरबार: पप्पू यादव
इससे पहले शुक्रवार को ही सांसद पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी का दरबान बन चुका है. वह चपरासी की तरह काम कर रहा है. सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में टीएमसी की ओर से महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी है. इसी पर जवाब देते हुए पप्पू यादव ने कहा, यह बहुत पहले ही लाना चाहिए था. उन्होंने (ज्ञानेश कुमार) एक संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया है.
आगे कहा कि उन्हें संविधान, भारतीय मूल्यों, मान-सम्मान या नैतिकता से कोई मतलब नहीं है. वह एक चपरासी की तरह काम करते हैं. बीजेपी के कार्यालय में जो दरबान होता है, चुनाव आयोग उसी दरबान की तरह है, इसलिए इनके (ज्ञानेश कुमार) खिलाफ तुरंत महाभियोग लाने की जरूरत है.
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