देश की राजधानी दिल्ली में बीते सोमवार (10 नवंबर, 2025) की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले पंकज सहनी (उम्र लगभग 22 साल) की भी मौत हो गई. पंकज समस्तीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव के फतेहपुर वार्ड नंबर 7 के रहने वाले राम बालक सहनी का बड़ा बेटा था. 

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घटना के बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है. पंकज की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. गांव में रहने वाली पंकज की चाची रूबी देवी ने बताया कि वह (पंकज) बीते करीब 20-25 साल से पूरे परिवार के साथ दिल्ली में रहता था. माता-पिता भी साथ रहते थे. छह भाई-बहन हैं. वहीं (दिल्ली में) रहकर गाड़ी चलाता था. बीते करीब चार साल पहले पूरा परिवार एक शादी में गांव आया था. इसके बाद सभी वापस गए तो कभी गांव नहीं आए.

आखिरी बार दादा से हुई थी पंकज की बात

पंकज से उसके दादा बालेश्वर सहनी ने आखिरी बार लगभग शाम के करीब 4.30 बजे बात की थी. कुछ देर बाद दादा ने फिर उसी नंबर पर कॉल किया तो फोन बंद आ रहा था. ब्लास्ट की खबर सुनने के बाद पंकज के परिजनों ने उसे पूरी रात ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चला. 

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रिश्तेदार को छोड़ने जा रहा था… धमाके में मौत

बताया गया कि पंकज कैब चलाता था. मीडिया के जरिए कार की एक तस्वीर से परिवार को पता चला कि पंकज की मौत हो गई है. घटना के वक्त पंकज अपने एक रिश्तेदार को छोड़ने के लिए स्टेशन जा रहा था. इसी दौरान जब लाल किला के पास एक कार में धमाका हुआ जिसकी चपेट में वह आ गया. 

बता दें कि दिल्ली धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. करीब 25 लोग घायल हैं. इस घटना के बाद तमाम एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं. मंगलवार को यूएपीए के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की और राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर छापे मारे गए हैं.

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