मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार (15 जुलाई, 2025) को कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कुल 30 एजेंडे पास हुए. वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के काम में लगे बीएलओ और सुपरवाइजर को राज्य सरकार ने एकमुश्त 6000 रुपये मानदेय देने का फैसला लिया है. इसके लिए कैबिनेट से 51 करोड़ 68 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति भी मिल गई है. 

दूसरी ओर नौकरी और रोजगार को लेकर भी नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अगले पांच साल में (2025-30) एक करोड़ नौकरी और रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है. राज्य सरकार ने परामर्श देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठन करने का आदेश जारी किया है. इस समिति में 12 सदस्य होंगे जो लगभग सभी विभागों के होंगे. सरकार का मानना है कि नए रोजगार सृजन से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. रोजगार के अवसर के साथ राज्य में निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे.

चुनावी वर्ष में अनुदानित माध्यमिक विद्यालय के (जो पहले वित्त रहित शिक्षा नीति के तहत थे) शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों को नीतीश सरकार ने  बड़ा तोहफा दिया है. उनके वेतन भुगतान और माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में बेहतर शिक्षा वातावरण निर्माण करने के लिए तीन अरब 94 करोड़ 41 लाख और 24 हजार रुपये देने की स्वीकृति आज (मंगलवार) कैबिनेट से मिली है.

पटना मेट्रो के लिए भी लिया गया बड़ा फैसला

वहीं पटना मेट्रो के लिए भी कैबिनेट की बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया. 2 वर्ष 8 महीने यानी अगस्त 2025 से मार्च 2028 तक के लिए प्रायोरिटी कॉरिडोर के रखरखाव के लिए नामांकन के आधार पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 179 करोड़ 37 लाख रुपये देने की  कैबिनेट से मंजूरी मिली है. मेट्रो परिचालन के लिए  3-कार सिंगल ट्रेनसेट को किराए पर लेने के लिए 21 करोड़ 15 लाख 44 हजार 646 की भी मंजूरी मिली है. किराए की अवधि 3 वर्ष की होगी.

वहीं बम निरोधक दस्ता कर्मियों को मूल वेतन का 30% प्रति माह जोखिम भत्ता मिलेगा. इसकी स्वीकृति आज कैबिनेट से मिली है. इसमें महंगाई भत्ता अलग से होगा.

मुंगेर एवं भागलपुर में गंगा के किनारे वैकल्पिक गंगा पथ के निर्माण के लिए 5 हजार 119 करोड़ 80 लाख रुपये की कैबिनेट में मंजूरी मिल है. गंगा किनारे यह सड़क मुंगेर-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज होते हुए 42 किलोमीटर तक बनेगी.