बिहार चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के खिलाफ NSUI के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. पटना में चल रहे इस प्रदर्शन में हजारों छात्र इकट्ठा हुए हैं. इसे रेकने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा है. 

NSUI के प्रदर्शनकारी छात्र जबरन आगे बढ़ते हुए विधानसभा तक जाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि इसकी अनुमति नहीं है. मानसून सत्र के बीच यहां धारा 144 लगी हुई है. हालांकि, एनएसयूआई के छात्र कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है. वे लगातार नारेबाजी कर रहे हैं.

इन समस्याओं पर NSUI का प्रदर्शन NSUI के छात्रों का आरोप है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है. कोई भी एग्जाम होता है तो पेपर लीक हो जाता है. नौकरी का वादा किया जाता है, लेकिन नौकरी दी नहीं जा रही है. इसके अलावा, कई और समस्याएं हैं जिन्हें छात्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रखना चाहते हैं. छात्रों का दावा है कि उन्हें सीएम से मिलने नहीं दिया जा रहा है.

छात्रों की यह भी मांग है कि तीन साल की डिग्री तीन साल में ही दी जाए. इसे पांच साल तक न बढ़ाया जाए. दूसरा, 50 फीसदी आरक्षण हटाने की मांग क्यों की जा रही है? छात्र क्रेडिट कार्ड के नाम पर पढ़ाई के लिए छात्रों को लाखों का कर्ज दिया जा रहा है, लेकिन फिर नौकरी नहीं दी जा रही. सरकारी नौकरी के लाखों पद खाली हैं तो भर्ती क्यों नहीं हो रही? 

छात्रों को रोकने की कोशिश कर रही पुलिसपटना पुलिस की कोशिश है कि इतनी भारी मात्रा में सड़कों पर आए छात्रों को यहीं पर रोक दिया जाए. इसके लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है. छात्रों को समझाया भी जा रहा है, लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं. छात्र बैरिकेडिंग को फांदकर आगे बढ़ते जा रहे हैं. 

मानसून सत्र के बीच रोज हो रहा विधानसभा का घेरावबिहार विधानसभा में मानसून सत्र जारी है. इस बीच विपक्षी दलों द्वारा लगभग हर दिन ही विधानसभा के घेराव की कोशिश की जा रही है. बुधवार (22 जुलाई) को प्रशांत किशोर की जनसुराज के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में विधानसभा घेराव की ओर बढ़ रहे थे. पुलिस को उनपर लाठीचार्ज करना पड़ा था. अब आज (गुरुवार, 24 जुलाई) को NSUI के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.