पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) को बिहार राज्य महिला आयोग ने नोटिस भेजा है. मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) की तारीख में यह नोटिस है. हाल ही में पप्पू यादव ने पॉलिटिक्स में काम करने वाली महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था. उसी के संबंध में यह नोटिस जारी हुआ है. 

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जवाब देने के लिए दिया गया तीन दिन का समय

पप्पू यादव को जवाब देने के लिए तीन दिनों का समय दिया गया है. उनके विवादित बयान के मामले में बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है. आयोग की अध्यक्ष अप्सरा की ओर से नोटिस जारी हुआ है. अब देखना होगा कि पप्पू यादव अपनी सफाई में क्या कुछ कहते हैं.

नोटिस में क्या लिखा गया है?

पप्पू यादव को जारी नोटिस में आयोग की अध्यक्ष की ओर से कहा गया है, "सोशल मीडिया के माध्यम से एक प्रसारित वीडियो में राजनीतिक क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के प्रति आपके द्वारा घृणित बयान दिया गया है, जिसमें आपके द्वारा यह बात कही गई है कि राजनीति में कार्य कर रही महिलाएं किसी न किसी राजनेताओं के साथ बेड शेयर करके ही आती हैं. यह बयान महिलाओं के आत्मसम्मान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है."

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बता दें कि पप्पू यादव ने कहा कि 90 परसेंट महिला नेता के रूम में गए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं. हर दिन सीसीटीवी फुटेज भी वायरल होता है. स्कूल हो दफ्तर हो, हर जगह महिलाओं का शोषण होता है.

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आगे लिखा गया है, "इस पर बिहार राज्य महिला आयोग स्वतः संज्ञान लेते हुए आपसे यह जबाव की मांग करता है कि आपके द्वारा इस तरह की घृणित बयान क्यों दिया गया? साथ ही क्यों नहीं आपके खिलाफ लोकसभा की सदस्यता रद्द करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की जाए? अतः उक्त घृणित बयान के संबंध में स्पष्ट जबाव पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. इसे अत्यावश्यक समझा जाए."

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