पटना में नोएडा जैसा कांड! ढाई साल की बच्ची खुले चैंबर में गिरी, डंडे से खोजा तो मिली लाश
Patna News: परिजनों को शुरू में लगा कि बच्ची का अपहरण हो गया है. ऐसे में पुलिस को सूचना दी गई थी. देर शाम चब खुले चैंबर पर नजर गई तो पता चला कि बच्ची उसी में गिरी है.

राजधानी पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र में नोएडा जैसी घटना हुई है. पूरा मामला सरासत गांव का है. बीते गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को एक ढाई साल की बच्ची की नाले में गिरकर मौत हो गई. बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र से लौट रही थी, तभी वह खुले चैंबर में गिर गई. देर रात चैंबर से निकाला गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
परिजनों ने बताया कि बच्ची सुबह करीब 10 बजे अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र गई थी. छुट्टी के बाद जब वह घर नहीं लौटी तो परिवार के लोग आंगनबाड़ी केंद्र गए. यहां पता चला कि बच्ची तो छुट्टी के बाद चली गई थी. आनन-फानन में घर के लोगों ने खोजना शुरू कर दिया लेकिन कहीं पता नहीं चला.
…और खुले चैंबर पर गई नजर
बच्ची जब नहीं मिली तो परिजनों को लगा कि उसका कहीं अपहरण तो नहीं कर लिया गया. ऐसे में तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. यह सब होता रहा कि इसी बीच खुले चैंबर पर ग्रामीणों की नजर गई. संदेह होने पर डंडा से खोजा गया तो बच्ची का थैला और कटोरा दिखा. इसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से मोटर लगाकर नाले से पानी निकालना शुरू किया. पानी निकलने के बाद बच्ची कीचड़ में फंसी हुई मिली.
लोग तुरंत उसे लेकर डॉक्टर के पास गए लेकिन वह जिंदा नहीं थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंची. नौबतपुर थाना प्रभारी मंजीत ठाकुर ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. ग्रामीणों ने खुले नालों को ढकने और सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
माता-पिता की इकलौती बेटी थी रिया
उधर परिजनों ने आंगनबाड़ी सेविका पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि यदि सेविका बच्ची को घर तक छोड़ने आती, तो यह हादसा टाला जा सकता था. बच्ची की पहचान रिया कुमारी के रूप में हुई है. वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी. पिता राकेश कुमार मजदूरी करते हैं.
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Source: IOCL
























