नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का पांचवां चरण 23 से 26 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. इस चरण में वे 23 मार्च को जहानाबाद और अरवल, 24 मार्च को कैमूर और रोहतास, 25 मार्च को बक्सर और भोजपुर, 26 मार्च को नालंदा और पटना जिलों का दौरा करेंगे. यात्रा का समापन 26 मार्च को पटना में होगा. इससे पहले आज (20 मार्च) चौथे चरण की यात्रा का आखिरी दिन है, जिसमें मुख्यमंत्री गया और औरंगाबाद के दौरे पर हैं.

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जानकारी के अनुसार, लगातार जिलों का दौरा कर नीतीश कुमार विकास कार्यों की समीक्षा और लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं. खास बात यह है कि दिल्ली कूच से पहले वह बिहार में इस यात्रा के जरिए अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं. जिससे आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है.

यात्रा के दौरान लोगों को सीएम से संवाद करने का मिलेगा मौका

सरकार के अनुसार समृद्धि यात्रा के माध्यम से विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का समाधान भी किया जा सकेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री के सीधे संवाद से आम लोगों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का मौका मिलेगा. हालांकि, नीतीश अब तक अपनी यात्रा में एक बार भी यह नहीं कहे हैं कि राज्यसभा जा रहा हूं, सीएम की कुर्सी छोड़ने वाला हूं.

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अगले महीने नीतीश छोड़ सकते हैं सीएम की कुर्सी

वहीं संभावना जताई जा रही है कि नीतीश अगले महीने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं. 10 अप्रैल के बाद उनका टर्म शुरू हो रहा है. राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं. उनके राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा. BJP का मुख्यमंत्री बन सकता है. सम्राट चौधरी रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. नीतीश इशारों-इशारों में सम्राट चौधरी को अपनी पसंद का नेता होने का संकेत भी दे चुके हैं.

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