मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार 30 मार्च 2026 को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. हालांकि, इस इस्तीफे के बाद भी नीतीश कुमार फिलहाल मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे.

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नीतीश कुमार के एमएलसी पद छोड़ने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस कदम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. माना जा रहा है कि यह फैसला आने वाले राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है. इस्तीफे के बाद सबसे तीखी प्रतिक्रिया राष्ट्रीय जनता दल की ओर से देखने को मिली है. पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर निशाना साधा है.

रोहिणी आचार्य का हमला

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, 'चाचा जी किए गए बिहार से तड़ीपार', और इसे बीजेपी का "ऑपरेशन फिनिश नीतीश" बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आखिरकार दबाव बनाकर नीतीश कुमार से इस्तीफा दिलवा ही दिया.

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उन्होंने आगे कहा कि कुर्सी से चिपके रहने की राजनीति का यही नतीजा है और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी भी हाथ से जा सकती है. उनके बयान से साफ है कि आरजेडी इस घटनाक्रम को नीतीश कुमार के राजनीतिक कमजोर पड़ने के रूप में देख रही है.

आरजेडी की प्रतिक्रिया

आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब जेडीयू का भविष्य खतरे में है. उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह खत्म होने की कगार पर है और इसके कई टुकड़े हो सकते हैं, जिन्हें समेटना भी मुश्किल होगा. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के समर्थक और नीतीश कुमार के सामाजिक आधार के लोग भी मानने लगे हैं कि जेडीयू का अस्तित्व अब ज्यादा दिन तक नहीं रहेगा.