बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर राज्यसभा जाने पर चल रही अटकलों पर उन्होंने खुद ही विराम लगा दिया. इसी बीच उन्होंने गुरुवार (5 मार्च) को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है, जिसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. इस बीच जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने अपनी प्रतिक्रिया दी.

Continues below advertisement

जदयू नेता राजीव रंजन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से निसंदेह बिहार में मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी कमी खलेगी. बिहार के करिश्माई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक विजनरी नेता हैं. 

नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले राजीव रंजन?

बिहार में पिछले दो दशकों को कायाकल्प के शानदार कालखंड के रूप में याद किया जाएगा. चाहे आधारभूत संरचना का क्षेत्र हो या कोई अन्य क्षेत्र जिससे आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सके, उसके लिए नीतीश कुमार ने बड़े फैसले लिए. इन फैसलों से संभव हो पाया कि बिहार आज विकसित राज्य बनने की कतार में खड़ा है.

Continues below advertisement

राजीव रंजन ने कहा कि उन्हें हमेशा आधुनिक बिहार के विश्वकर्मा के रूप में याद किया जाएगा. निसंदेह उनकी नई पारी भी बहुत ही यशस्वी होगी. उन्होंने बताया भी है कि संसद के एक सदन में उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है, वहीं बिहार के दोनों सदनों में भी उन्होंने अपना यादगार कार्यकाल पूरा किया है.

'राज्यसभा भी नीतीश कुमार का साक्षी बनेगा'

जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह ने आगे कहा कि अब राज्यसभा भी नीतीश कुमार का साक्षी बनेगा. बिहार को लेकर जो उनका संकल्प है, उसे उन्होंने एक बार फिर दोहराया है. बिहार के विकास और उन्नति को लेकर उनका मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा.

राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

उन्होंने बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नीतीश कुमार को हाईजैक करने वाले बयान पर निशाना साधा और कहा, "नीतीश कुमार को कोई हाईजैक नहीं कर सकता. उनका सार्वजनिक जीवन 50 वर्षों का है. हर बार जब भी उनपर सवाल खड़े हुए, तब उन्होंने अपने फैसलों से मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया है."

उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने फैसला लिया है, और अपने फैसलों पर वे कायम रहते हैं. बाकी कौन क्या कहता है, यही उनकी परेशानी है. तेजस्वी के निरर्थक बयानों की वजह से विधानसभा चुनाव में राजद की दुर्गति हुई है."