तेजस्वी यादव शराब पीकर जाते हैं विधानसभा? नीतीश कुमार की पार्टी बोली- 'सदन में डोलते-डोलते…'
Bihar Politics: शराबबंदी कानून की समीक्षा वाली मांग पर जेडीयू के विधायक ने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी-अपनी सोच होती है. कानून की समीक्षा का अर्थ बंदी समाप्त नहीं होता है.

एनडीए के घटक दल के विधायक ने मांग की है कि शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाए. इस पर सियासत हो रही है. इस बीच जेडीयू के विधायक विनय चौधरी ने बुधवार (18 फरवरी, 2026) को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव पर हमला किया. एक तरह से तेजस्वी यादव पर शराब पीकर सदन आने का आरोप लगाया है.
जेडीयू विधायक विनय चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव सदन में डोलते-डोलते आए थे. इस पर पत्रकारों ने कहा कि उनके तो पैर में चोट लगी थी. इस पर विधायक ने कहा, "पैर में चोट लगने से शरीर नहीं डोलता है… तो उनसे पूछिए कि क्यों डोल रहे थे. हम लोग तो मेडिकल जांच करवाने की बात कर रहे थे, लेकिन वो (तेजस्वी यादव) भाग गए."
'समीक्षा का मतलब बंदी समाप्त नहीं'
जेडीयू विधायक से पूछा गया कि आपके घटक दल के विधायक ने मांग की है कि शराबबंदी कानून की समीक्षा होनी चाहिए. इस पर कहा कि हर व्यक्ति की अपनी-अपनी सोच होती है. कानून की समीक्षा का अर्थ बंदी समाप्त नहीं होता है. इसका मतलब होता है और सख्ती. यानी उन्होंने सुधार की अपेक्षा की है.
इस सवाल पर कि कल (मंगलवार) तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार को अचेत मुख्यमंत्री मिला है. इस पर कहा कि अभी भी उनको (तेजस्वी) मन होता है कि फिर से नीतीश कुमार को साथ ले लें. उसी के लिए न बेचैनी है. मुख्यमंत्री ने तो सदन में कहा कि आपने (तेजस्वी यादव) गड़बड़ी की इसलिए भगा दिए. ये शब्द मुख्यमंत्री ने कहा तब क्यों नहीं उन्होंने जवाब दिया? सदन में खड़ा होकर चैलेंज करना चाहिए था. क्यों नहीं किए?
दूसरी ओर कांग्रेस के विधायक अभिषेक रंजन ने भी बड़ा दावा किया. विधानसभा परिसर में मीडिया से कहा, "बिहार में शराबबंदी कानून पूरी तरह फेल हो गया है. शराब होम डिलीवरी के जरिए पहुंच रही है. अगर कोई डिमांड करे तो विधानसभा के अंदर तक भी शराब की डिलीवरी हो सकती है."
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