बिहार में एक तरफ बंगले का तो दूसरी ओर लालू परिवार की सुरक्षा पर सियासत जारी है. राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर आवास खाली करने के लिए नोटिस पर नोटिस दिया जा रहा है कि वे घर खाली कर दें, तो दूसरी ओर सिक्योरिटी घटाए जाने के बाद लालू परिवार के सदस्यों ने सरकार को अपनी सुरक्षा वापस कर दी है. इन सबके बीच आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने सारा आरोप बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर लगाया है.
बुधवार (17 जून, 2026) को जब लालू यादव कहीं जा रहे थे तो मीडिया ने उनसे सवाल किया. इस दौरान आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपनी और राबड़ी देवी की सुरक्षा वापस लिए जाने पर कहा, "हां, (सुरक्षा) वापस ले ली गई है. नीतीश कुमार ने सब कुछ करवाया है." लालू यादव के इस बयान पर देखना होगा कि अब जेडीयू की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है.
बता दें कि लालू-राबड़ी को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से जेड प्लस की सुरक्षा थी. इस वापस लिया गया तो सियासत शुरू हो गई. ऐसा होने के बाद के बाद जो सुरक्षा लालू-राबड़ी को मिली थी उसे उन्होंने वापस कर दी. उनके साथ-साथ तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, इन सबने भी सुरक्षा वापस कर दी है. अब बिना सुरक्षा के ही सब लोग घूम रहे हैं.
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जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सुरक्षा वापस करने के साथ चेतावनी भी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर उनके साथ कोई भी अनहोनी होती है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.
सुरक्षा घटाए जाने पर सवाल उठा चुकी है आरजेडी
लालू-राबड़ी की सुरक्षा घटाए जाने के बाद से सियासत तेज है. सत्ता पक्ष के नेता नियम-कानून की बात कर रहे हैं तो वहीं आरजेडी इसे अपमान बता रही है. आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस मामले में यहां तक कहा है कि यह निंदनीय है और सरकार को माफी मांगनी चाहिए. लालू यादव देश के बड़े नेता, गरीबों के मसीहा और सामाजिक न्याय के पुरोधा हैं. इस तरह अपमानित करने वाला व्यवहार कतई मंजूर नहीं है.
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