जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बुधवार (12 अगस्त, 2026) को दिल्ली में पार्टी के सांसदों के साथ बैठक की. मीटिंग में फोकस बिहार ही रहा. बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने बिहार के विकास, जनहित से जुड़े विषयों और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की.
पार्टी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कुमार ने सांसदों से राज्य के हितों और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान बिहार के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा, सांसद दिलेश्वर कामैत, देवेश चंद्र ठाकुर, कौशलेंद्र कुमार, डॉ. आलोक सुमन, सुनील कुमार, विजयलक्ष्मी देवी और रामप्रीत मंडल के अलावा विधान परिषद में पार्टी के उपनेता और कोषाध्यक्ष ललन कुमार सर्राफ भी मौजूद थे.
संजय झा ने की नीतीश कुमार की सराहना
दूसरी ओर जेडीयू सांसद संजय झा ने बिहार में कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) व्यवस्था खत्म करने के लिए राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की. कहा कि इस कदम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में मिलने लगा.
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान झा ने नीतीश कुमार के दो दशक से अधिक समय बाद संसद में लौटने का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उनसे कहा था कि बतौर सांसद उनके पहले के कार्यकाल में सदन में इस तरह के व्यवधान देखने को नहीं मिलते थे.
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बिहार में सहकारिता क्षेत्र में नीतीश कुमार के कामकाज की सराहना करते हुए संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद 2006 में राज्य में एपीएमसी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था. उन्होंने कहा, "बिहार में 2006 में नीतीश जी ने एपीएमसी व्यवस्था खत्म की, जिसमें बिचौलियों की भूमिका थी. आज अनाज की खरीद प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से होती है और किसानों को पैसा सीधे उनके बैंक खातों में मिलता है. यह बिहार में उनके द्वारा किया गया बदलाव है."
बता दें कि नीतीश कुमार अप्रैल 2026 में बिहार से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी.
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