बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार (10 अप्रैल) को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद पटना लौट रहे हैं. पटना निकलने से पहले नीतीश अपने सरकारी आवास के परिसर में कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे, इस दौरान उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की. कार्यकर्ताओं ने बड़ी मांग करते हुए कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री अपनी पार्टी का हो, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाइये.

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करीब दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले नीतीश कुमार ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को दोपहर राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली. नई दिल्ली में राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ दिलाई. नीतीश कुमार के इस शपथ के साथ ही बिहार की राजनीति में भी एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई.

16 मार्च को राज्यसभा के लिए नीतीश कुमार हुए थे निर्वाचित

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधान परिषद के सदस्य थे. राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे. वह लगभग दो दशक तक बिहार में सत्ता के केंद्र में रहे. इसके अलावा वह जनता दल यूनाइटेड के मुखिया भी हैं.

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14 अप्रैल को CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार

माना जा रहा है कि नीतीश दिल्ली आने के बाद अब जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. कहा जा रहा है कि 14 अप्रैल को नीतीश CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफा देने के बाद प्रदेश में नई सरकार का गठन किया जाएगा. सीएम पद से नीतीश के इस्तीफे के बाद राज्य की कैबिनेट भी भंग हो जाएगी. इसके बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक बिहार की नई राज्य सरकार का मुख्यमंत्री बीजेपी से हो सकता है. वहीं जेडीयू से डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है.