बिहार में जाली नोट के धंधे पर रोक लगाने की दिशा में नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार (08 अप्रैल, 2026) को राज्य में अवैध वित्तीय गतिविधियों और जाली मुद्रा पर रोक लगाने के लिए भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित बैंक शाखाओं में 'नोट सॉर्टिंग' मशीन अनिवार्य रूप से लगवाने का निर्देश दिया. उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आम जनता की सुविधा के लिए अधिक से अधिक मुद्रा विनिमय केंद्र स्थापित करने को भी कहा.

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'नोट सॉर्टिंग मशीन' एक अत्याधुनिक उपकरण है, जो नोटों की सिर्फ गिनती नहीं करती, बल्कि उनकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता की भी जांच करती है. मुख्य सचिव ने 40वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनियमित जमा योजना प्रतिबंध (बीयूडीएस) अधिनियम, 2019 और बिहार जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (बीपीआईडी) अधिनियम, 2002 के कार्यान्वयन की समीक्षा की. उन्होंने आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को दोषी संस्थाओं के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

प्रत्यय अमृत ने सभी सहभागी संस्थाओं को बेहतर समन्वय और सूचना साझा करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जनता की जमा राशि को सुरक्षित रखा जा सकेगा.

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1600 से शुरू होने वाले नंबर से आएगा बैंकों से फोन

दूसरी ओर भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने बताया कि अब बैंकों द्वारा किया जाने वाला वास्तविक फोन '1600' से शुरू होने वाले नंबरों से आएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक के अंत में '.in' होना अनिवार्य है, जिससे आम जनता असली और नकली वेबसाइट के बीच अंतर कर सके.

बैठक में बताया गया कि वित्त विभाग और आरबीआई द्वारा सोशल मीडिया, रेडियो जिंगल्स (मैथिली और भोजपुरी) और समाचार पत्रों के माध्यम से धोखाधड़ी के प्रति निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. आरबीआई ने 'डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' के बारे में भी जानकारी दी, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से वास्तविक समय में धोखाधड़ी का पता लगाने और संदिग्ध संस्थाओं को चिह्नित करने में सक्षम है. बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर और विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.