बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद पटना लौटकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इन अटकलों के बीच बिहार सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे के मंत्री और उनके करीबी श्रवण कुमार ने बड़ा बयान देते हुए स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की है.

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उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है. ऐसे में नीतीश कुमार के तुरंत इस्तीफा देने की अटकलें सही नहीं मानी जानी चाहिए.

'नीतीश अपने राजनीतिक फैसले खुद लेते हैं'- श्रवण कुमार

श्रवण कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार अपने राजनीतिक फैसले खुद लेते हैं और हमेशा अपने तरीके से ही आगे बढ़ते हैं. इसलिए यह कहना मुश्किल है कि वे कब इस्तीफा देंगे या आगे क्या कदम उठाएंगे. हालांकि नीतीश कुमार ने विधान परिषद से तो इस्तीफा दे दिया है.

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उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की भी कोई जानकारी नहीं है कि नीतीश कुमार कब दिल्ली जाएंगे या राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ कब लेंगे. मगर नीतीश कुमार चाहे तो शपथ के बाद भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं और हमारे संवैधानिक प्रावधान के अनुसार भी वे 6 महीने तक सीएम पद पर बने रह सकते हैं. 

'निशांत को सीएम बनाने की मांग में कुछ गलत नहीं'

वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की उठ रही मांग पर भी श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस तरह की मांग में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि निशांत एक काबिल, युवा और पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं. हालांकि, अंतिम निर्णय नीतीश कुमार और पार्टी नेतृत्व पर ही निर्भर करेगा. फिलहाल इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है.