जनता दल यूनाइटेड के नेता निशांत कुमार के कंधों पर अब बिहार में पार्टी को मजबूत करने का जिम्मा है. अब वह इसके लिए तैयारियों में जुट गए हैं. जदयू में शामिल होने के अगले दिन निशांत ने अपनी मां मंजू सिन्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कहा कि अगर मां होतीं तो वह खुश होतीं. मगर अब वह नहीं हैं लेकिन उनका आशीर्वाद मेरे साथ है.

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निशांत ने भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कहा कि वह जल्द ही बिहार के सभी 38 जिलों की यात्रा पर निकलेंगे. अभी डिसाइड कर रहा हूं मैं 38 जिलों की यात्रा पर निकलूंगा.

पार्टी का ख्याल रखने का कोशिश करूंगा- निशांत

इससे पहले पार्टी में शामिल होते हुए रविवार को पार्टी कार्यालय में निशांत ने कहा था कि यहां पर मौजूद आप सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं. आप सब अपना कीमती समय निकाल कर यहां पर आए. मैं आपका स्वागत करता हूं, नमन करता हूं, आभार व्यक्त करता हूं. मैं जदयू के पार्टी कार्यालय आया हूं. यहां जदयू की सदस्यता ग्रहण करने आया हूं. मैं एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी का ख्याल रखने का कोशिश करूंगा. 

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उन्होंने कहा था कि मेरे पिता (नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री) ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है. ये उनका निजी फैसला है. मैं उसे स्वीकार करता हूं. आदर करता हूं. हम सब मेरे पिता नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करेंगे. आप आपका जो विश्वास आपने आप पार्टी ने और जनता ने जो मुझ पर विश्वास किया है मैं उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा. 

निशांत ने कहा था कि एक पार्टी कार्यकर्ता के हिसाब से मैं पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश करूंगा. पापा ने जो 20 साल में किया उसे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा और जनता के हृदय में अपना घर करने की कोशिश करूंगा.

जदयू नेता ने कहा था कि मेरे पिता ने जो 20 साल में किया है वो सबको याद रहेगा. मुझे गर्व है जो भी पिता ने 20 साल में किया है सारे बिहार वासियों, देशवासियों सबको मेरे पिता पर गर्व है. आप सभी पार्टी कार्यकर्ता, जमीनी लेवल के कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेताओं, जनता, बिहार की जनता, देश की जनता सबसे अनुरोध करता हूं कि आप पापा पर अपना विश्वास बनाए रखें और अपना मनोबल बनाए रखें.