नीट की छात्रा की हत्या के मामले ने बिहार की राजनीति और प्रशासन दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. अब इस केस को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने SIT जांच पर तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में “बड़ी मछलियों को बचाने” की कोशिश की जा रही है.

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FSL रिपोर्ट के बाद पुलिस अफसर निलंबित

नीट छात्रा हत्या मामले में FSL की टीम ने अपनी फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट SIT को सौंप दी है. इसके बाद कदमकुआं थाने के अपर थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक हेमंत झा और चित्रगुप्तनगर थाने की थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को निलंबित कर दिया गया. इस कार्रवाई के बाद अब जांच की दिशा और नीयत पर सवाल उठने लगे हैं.

पप्पू यादव ने कहा कि इस केस में किसी नए खुलासे की बात नहीं है. उनके मुताबिक वे 6 जनवरी से लगातार कह रहे हैं कि यह मामला बलात्कार से जुड़ा हुआ है.

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उन्होंने आरोप लगाया कि नीलू अग्रवाल का बेटा और कुछ डॉक्टर भी इसमें शामिल हैं. लेकिन SIT इन पहलुओं पर ध्यान देने के बजाय पीड़िता के परिवार को परेशान कर रही है और मरी हुई लड़की को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

कपड़े धोने और मौके पर मौजूद लोगों पर सवाल

पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि पीड़िता के कपड़े क्यों धो दिए गए. उन्होंने कहा कि जब घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी, तो वहां कौन-कौन लोग थे, यह साफ क्यों नहीं किया जा रहा. आखिर पुलिस किसे और क्यों बचा रही है, यह सबसे बड़ा सवाल है.

'हर दिन सैकड़ों लड़कियों के फोन आ रहे हैं'

उन्होंने कहा कि उनके पास रोज 300 से 400 लड़कियों के फोन आ रहे हैं, जिनसे वे खुद बात कर रहे हैं. उनके मुताबिक बिहार में हालात बेहद खराब हैं. गया, मुजफ्फरपुर और बक्सर जैसी जगहों पर लगातार रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं. पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि कहीं-कहीं तो जनप्रतिनिधि भी आरोपियों को बचाने में लगे हैं.

SIT पर जांच भटकाने का आरोप

पप्पू यादव ने कहा कि SIT इस मामले को डाइवर्ट करने का काम कर रही है. पुलिस दवा लेने की बात कर रही है, जबकि पीड़िता दुकान तक गई ही नहीं. अब तक हॉस्टल को सील नहीं किया गया, जबकि वहां हर महीने भारी कमाई होती थी.

हॉस्टल के आगे-पीछे लगे सभी CCTV कैमरों की जांच क्यों नहीं की गई, यह भी सवालों के घेरे में है. उन्होंने कहा कि PMCH की रिपोर्ट को मानने से इनकार किया जा रहा है और AIIMS को भी अधूरी रिपोर्ट भेजी गई. उनके मुताबिक साफ है कि इस मामले में सही और निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है.