नवादा जिले के सरकारी स्कूलों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. स्थापना डीपीओ शिव कुमार वर्मा ने 386 शिक्षक-शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है. 

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30 मार्च को शिक्षकों ने अटेंडेंस स्टेटस में प्रेजेंट दिखाया और अटेंडेंस टाइप में मार्क ऑन ड्यूटी चुना ली, लेकिन मार्क ऑन ड्यूटी रीजन कॉलम को खाली रखा या उसमें डिपटेशन व ऑफिस वर्क लिखा. विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन और स्वेच्छाचारिता माना है. 

डीपीओ ने दिया सख्त निर्देश

गुरुवार (2 अप्रैल) को जारी पत्र में डीपीओ ने साफ कहा कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सही उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है. इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पत्र में कहा गया है कि विभागीय निर्देशों का अक्षरश का पालन नहीं किया गया और गलत तरीके से उपस्थिति दर्ज की जा रही है. 

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डीपीओ द्वारा पत्र में आगे कहा गया कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू की गई है. अगर समय पर सही स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो काम नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत पर संबंधित शिक्षकों का वेतन काट लिया जाएगा.

डीपीओ ने सभी संबंधित शिक्षकों को दी चेतावनी

डीपीओ ने सभी संबंधित शिक्षकों को चेतावनी दी है कि भविष्य में पोर्टल पर सही तरीके से उपस्थिति दर्ज करें. गलत एंट्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई से जिले के सरकारी स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने का संदेश गया है.

बता दे कि डीपीओ शिव कुमार वर्मा स्पष्ट किया है कि अगर किसी भी तरह की लापरवाही की गई तो संबंधित तिथि का वेतन रोक दिया जाएगा. डीपीओ ने कहा कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो विभागीय नियमावली के तहत वेतन कटौती और अन्य दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. 

बिहार शिक्षा विभाग की तरफ से ई-शिक्षाकोष पोर्टल को लेकर अब सख्ती की जा रही है. राज्य के कई जिलों से इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है. जिसके बाद वेतन भी रोका जा रहा है. 

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