देश की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने के आंकड़ों पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक विकास के आंकड़ों से तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, बल्कि यह देखना जरूरी है कि इसका लाभ गरीब, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग तक कितना पहुंच रहा है.
झा ने कहा कि GDP के आंकड़ों का मूल्यांकन संविधान के अनुच्छेद 39 के प्रावधानों के संदर्भ में किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी है कि आर्थिक विकास का फायदा समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रहा है या नहीं. उनके मुताबिक, विकास के आंकड़ों को संवैधानिक नजरिए से देखने के बाद ही उनकी वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.
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दूध, प्याज और चीनी की कीमतों का जिक्र
RJD सांसद ने रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दूध, प्याज और चीनी की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर इन चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं तो सिर्फ GDP के आंकड़ों के आधार पर आर्थिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता. उन्होंने खास तौर पर चीनी की कीमतों में एक महीने के दौरान आए उछाल का जिक्र किया.
‘गरीब की थाली तक पहुंचे विकास’
मनोज झा ने कहा कि असली सवाल यह है कि आर्थिक विकास का असर गरीब और मध्यम वर्ग की जिंदगी पर कितना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर GDP के आंकड़ों का लाभ गरीब की थाली में दिखाई नहीं देता और निम्न आय तथा मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होता, तो इन आंकड़ों की उपलब्धि पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
‘पीठ थपथपाने से पहले थोड़ा ठहरिए’
RJD सांसद ने GDP ग्रोथ के आंकड़ों पर सरकार की ओर से किए जा रहे दावों को लेकर संयम बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि अपनी पीठ थपथपाने के बजाय आर्थिक आंकड़ों को संवैधानिक और सामाजिक नजरिए से देखना चाहिए. उनके मुताबिक, विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका असर समाज के कमजोर और मध्यम आय वर्ग की जिंदगी में भी नजर आए.
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