लोकसभा चुनाव 2024 में मामूली अंतर से हारने वाले कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों ने उम्मीद के साथ विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन इन 12 दिग्गज नेताओं की तकदीर ने एक बार फिर दगा दे दिया. लोकसभा में बेहद कम अंतर से हार झेलने वाले इन नेताओं को विधानसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा.

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इनमें सात उम्मीदवार राजद के, तीन जदयू के और एक-एक कांग्रेस व पीआई से जुड़े रहे नेता शामिल हैं. हालांकि राहत की बात यह रही कि लोकसभा में हारे सात उम्मीदवार इस बार विधानसभा में विजयी भी हुए.

लोकसभा से ज्यादा अंतर से हारे कई दिग्गज

अररिया लोकसभा में राजद के शाहनवाज आलम मात्र 20 हजार वोट से हारे थे, लेकिन जोकीहाट विधानसभा में उन्हें करीब 54 हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा और वे चौथे स्थान पर रहे. पूर्णिया लोकसभा में राजद की बीमा भारती तीसरे स्थान पर थीं, लेकिन रूपौली विधानसभा में उन्हें 73 हजार वोट से करारी हार मिली. वहीं जदयू के टिकट पर पूर्णिया लोकसभा में हारे संतोष कुशवाहा राजद से धमदाहा में कड़े पराजित हुए और 55 हजार वोटों से पीछे रह गए.

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किसको कितनी वोट से मिली हार

वाल्मीकिनगर में करीब एक लाख वोट से हार झेलने वाले दीपक यादव को नरकटियागंज विधानसभा में 26 हजार से अधिक वोट से हार मिली. सुपौल लोकसभा में भारी हार के बाद चंद्रहास चौपाल सिंहेश्वर में सिर्फ 2,982 वोट से पराजित हुए. बांका लोकसभा में पड़े हार के बाद राजद के जयप्रकाश नारायण यादव झाझा विधानसभा में 4,262 वोट से हार गए. दरभंगा लोकसभा में 1.70 लाख वोट से हारने वाले ललित कुमार यादव दरभंगा ग्रामीण में 18,392 वोट से हार गए.

शिवहर लोकसभा की पूर्व उम्मीदवार रितु जायसवाल ने इस बार परिहार से निर्दलीय चुनाव लड़ा और 17 हजार वोट से हार गईं. जहानाबाद लोकसभा में 1.42 लाख वोट से हारे चंदेश्वर चंद्रवंशी को जहानाबाद विधानसभा में केवल 793 वोट से हार मिली.

सात नेता जिन्होंने बदली किस्मत

हालांकि कुछ नेताओं के लिए विधानसभा चुनाव उम्मीद की किरण लेकर आया. लोकसभा में मामूली अंतर से चूके सात दिग्गज इस बार विधानसभा में जीत दर्ज करने में सफल रहे. गया लोकसभा में हारने वाले कुमार सर्वजीत बोधगया (सु) में 881 वोट से जीत गए. उजियारपुर लोकसभा में हार झेलने वाले आलोक मेहता ने उजियारपुर विधानसभा में 16,283 वोट से बाजी मारी.

मुंगेर लोकसभा में हारने वाली कुमारी अनिता ने वारिसलीगंज में 7,543 वोट से जीत हासिल की. बीजेपी के रामकृपाल यादव ने दानापुर से 29,133 वोट से जीत दर्ज की, जबकि मिथिलेश तिवारी बैकुंठपुर से 16,953 वोट से विजयी रहे. जदयू के दुलालचंद गोस्वामी ने कदवा से 18,368 वोट से जीत हासिल की. इन आंकड़ों ने साफ कर दिया कि राजनीति में किस्मत और जनादेश दोनों ही बिल्कुल अनिश्चित होते हैं. जहां कुछ नेताओं की उम्मीदें टूट गईं, वहीं कुछ ने नई शुरुआत की.

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